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एशियन गेम्स में कबड्डी के मैदान पर देश का परचम लहराने वाली मंडी की बेटी भावना ठाकुर जब अपने घर पहुंची, तो पूरा माहौल जश्न में डूब गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पटाखों की आतिशबाजी और लोगों के उत्साह के बीच भावना का जोरदार स्वागत किया गया। अपनी लाडली बेटी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मंडी जिला गर्व से झूम उठा। विभिन्न एसोसिएशनों ने भावना ठाकुर को सम्मानित कर उनकी उपलब्धि को सलाम किया। लेकिन इस भव्य स्वागत समारोह का सबसे भावुक पल उस समय देखने को मिला, जब भावना ठाकुर स्टेज पर पहुंचीं। उनके गले में सजा गोल्ड मेडल सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि 14 से 15 साल की कड़ी मेहनत, संघर्ष, त्याग और सपनों की जीत का प्रतीक था। भावना ने बिना देर किए अपने गले से गोल्ड मेडल उतारा और अपनी मां को पहना दिया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। जिस मां ने बेटी के संघर्ष में उसका साथ दिया, उसी मां को भावना ने अपनी जीत का सबसे बड़ा सम्मान सौंप दिया। इस पल ने साबित कर दिया कि मेडल भले ही खिलाड़ी के गले में सजता है, लेकिन उसकी जीत के पीछे पूरे परिवार का त्याग और आशीर्वाद होता है। परिवार, कोचों, एकेएफआई, हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन को दिया श्रेय भावना ठाकुर ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, कोचों, एकेएफआई, हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन और जिला मंडी कबड्डी एसोसिएशन को दिया। उन्होंने कहा कि खेल के सफर में चोटों और कोरोना काल जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन परिवार के हौसले ने उन्हें हार नहीं मानने दी। आगामी लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन भावना ने बताया कि अब उनका लक्ष्य आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करना है। वहीं, मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद खिलाड़ियों के लिए एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि घोषित किए जाने और सरकारी नौकरी का आश्वासन मिलने पर भी उन्होंने खुशी जताई। प्रदेश और देश का नाम रोशन किया मंडी की बेटी भावना ठाकुर ने गोल्ड मेडल जीतकर न केवल प्रदेश और देश का नाम रोशन किया, बल्कि अपनी मां को पदक पहनाकर यह संदेश भी दिया कि कामयाबी की असली चमक तब बढ़ती है, जब उसका सम्मान उन लोगों के नाम किया जाए, जिन्होंने हर मुश्किल में हमारा साथ दिया।
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मंडी की भावना ठाकुर ने मां को पहनाया स्वर्ण पदक:घर पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों से स्वागत; एक करोड़ सम्मान राशि की घोषणा पर जताई खुशी
