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मंदसौर में किसानों की आय बढ़ाने को लगेंगी प्रोसेसिंग यूनिट:गार्लिक पेस्ट, जूस, अचार जैसे उत्पाद बनेंगे; 12 क्लस्टर में किसान जुड़ेंगे, योजना का विस्तार होगा




मंदसौर जिले में किसानों को उद्यम से जोड़ने और कृषि-बागवानी उत्पादों की स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग के लिए यूनिट लगाने की योजना तैयार की गई है। ‘एक ग्राम-एक उद्यम’ और ‘उपज से उद्यम’ के तहत छोटे उद्योग स्थापित करने की योजना है। बुधवार शाम हुई बैठक में कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को ऐसी योजनाओं की पहचान करने के निर्देश दिए, जिनसे किसानों को उद्यम से जोड़ा जा सके। योजना के तहत जिले में उपलब्ध प्रमुख कृषि और बागवानी फसलों के आधार पर प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की बात कही गई है। इनमें गार्लिक पेस्ट, जैम, स्क्वैश, जूस, अचार और पाउडर जैसे उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। किसानों को सरकारी योजनाओं के माध्यम से यूनिट लगाने में सहायता देने और तैयार उत्पादों को बाजार से जोड़ने की योजना है। बैठक में लोन, सब्सिडी, मार्केटिंग और दूरदराज के क्षेत्रों से कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर भी काम करने की बात कही गई। 12 क्लस्टर में किसानों को जोड़ा कृषि विभाग के मुताबिक, जिले में 12 क्लस्टर बनाए गए हैं। इनमें किसानों को जोड़ा गया है। भानपुरा क्षेत्र में पान की खेती करने वाले किसानों का भी क्लस्टर बनाया गया है। किसानों के कृषक उत्पादक संगठन (FPO) बनाने पर भी काम चल रहा है। कलेक्टर ने जिले में उपलब्ध कृषि और बागवानी फसलों के आधार पर स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य किसानों को केवल कच्ची उपज बेचने के बजाय उससे जुड़े उद्यमों से जोड़ना है। 330 पंचायतों में 650 से ज्यादा उद्योग बैठक में जिला उद्योग विभाग ने बताया कि जिले की 468 ग्राम पंचायतों में से 330 में छोटे उद्योग स्थापित किए जा चुके हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) योजना के माध्यम से स्थापित 650 से अधिक उद्योगों में 2,700 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की जानकारी दी गई। इन उद्योगों में 173 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हुआ है।



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