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पंजाब की भगवंत मान सरकार पर विपक्ष ने एक बार फिर हमला बोला है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मनरेगा कर्मचारियों की गिरफ्तारी और हिरासत में लिए जाने को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों को इंसाफ देने के बजाय उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर मनरेगा कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि पहले कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया गया, फिर बड़े स्तर पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया गया और अब गिरफ्तारियां की जा रही हैं। यही भगवंत मान सरकार का असली चेहरा है। मनरेगा नेताओं को हिरासत में लेने का दावा राजा वड़िंग ने दावा किया कि अपने जायज हक और मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मनरेगा के कई जिला और ब्लॉक स्तर के नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन्होंने हिरासत में लिए गए नेताओं में बरिंदर, नरेंद्र, गुरविंदर और सुखविंदर के नाम बताए। इसके अलावा लुधियाना के एपीओ (असिस्टेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर) समेत कई अन्य प्रमुख नेताओं को भी पुलिस हिरासत में लिए जाने का दावा किया। ‘पुलिस के दम पर नहीं दबाई जा सकती मजदूरों की आवाज’ राजा वड़िंग ने कहा कि कोई सरकार पुलिस और धमकियों के दम पर अधिकारों के लिए लड़ रहे मजदूरों और कर्मचारियों की आवाज को दबा नहीं सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय दमन का रास्ता अपनाया है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक की मांग कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करना बेहद निंदनीय है। सरकार को गिरफ्तारियां करने के बजाय कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए।
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मनरेगा कर्मियों की गिरफ्तारी पर पंजाब सरकार भड़के वड़िंग:बोले-पहले लाठीचार्ज, फिर बर्खास्तगी,अब गिरफ्तारियां; मजदूरों की आवाज दबा नहीं सकते
