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मिर्जापुर से शुरू हुई रोजगार-सामाजिक अधिकार यात्रा:9 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग




मिर्जापुर में रोजगार और सामाजिक अधिकारों की गारंटी समेत 9 सूत्रीय मांगों को लेकर ‘रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान’ की पूर्वांचल यात्रा रविवार को मिर्जापुर के शहीद उद्यान नारघाट से शुरू हुई। यात्रा से पहले आयोजित सभा में वक्ताओं ने युवाओं, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। सभा को अरुण मिश्रा, मनोज श्रीवास्तव और राजन पाठक समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देना और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। वक्ताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली रोकने के साथ खाली पड़े पदों पर तत्काल भर्ती की मांग उठाई। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। भूमिहीनों को जमीन, बुजुर्गों को पेंशन की मांग अभियान के तहत भूमिहीन परिवारों को आवासीय जमीन उपलब्ध कराने और बुजुर्गों को पेंशन देने की मांग की गई। जरूरतमंद लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा की गारंटी की भी मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कॉरपोरेट और सुपर रिच वर्ग की संपत्ति पर कर लगाकर जनकल्याणकारी योजनाओं पर सरकारी खर्च बढ़ाने की मांग की। जस्टिस रोहिणी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग सभा में जस्टिस रोहिणी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और अति पिछड़ों के लिए अलग आरक्षण कोटा निर्धारित करने की मांग भी उठी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से पूंजी पलायन रोकने, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों पर नियंत्रण स्थापित करने और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं व युवाओं को सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध कराने की मांग की गई। प्राकृतिक संसाधनों के निजीकरण पर रोक की मांग अभियान में प्राकृतिक संसाधनों के निजीकरण पर रोक लगाने और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है। जनगणना में आदिवासी धर्म कोड और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए जाति कॉलम शामिल करने की मांग भी रखी गई। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने के साथ बुनकरों, गिग व प्लेटफॉर्म वर्करों, स्कीम वर्करों और असंगठित मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने की मांग भी उठाई गई। 10 जिलों से गुजरेगी यात्रा, 20 सितंबर को वाराणसी में सम्मेलन सभा के समापन के बाद पूर्वांचल यात्रा शहीद उद्यान नारघाट से आगे रवाना हुई। आयोजकों के मुताबिक अभियान के तहत पूर्वांचल के 10 जिलों में जनसंवाद किया जाएगा। यात्रा के समापन के बाद 20 सितंबर को वाराणसी में जन सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें अभियान के दौरान उठाए गए मुद्दों और मांगों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।



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