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पंजाब में मनी एक्सचेंज का काम करने वाले कुछ बड़े कारोबारी अब डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की जांच के घेरे में आ गए हैं। इन पर विदेश से आने वाली विदेशी मुद्रा का नियमों के खिलाफ लेन-देन करने का आरोप है। इसी सिलसिले में मोगा जिले के निहाल सिंह वाला में बरनाला रोड पर स्थित एक मनी चेंजर के ठिकाने पर DRI ने छापेमारी की है। जानकारी के मुताबिक, यह मनी एक्सचेंजर पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले दूसरे मनी चेंजरों से डॉलर इकट्ठा करता था। बाद में इन डॉलर को दिल्ली में ज्यादा दाम पर बेचा जाता था। आरोप है कि इस पैसे को बिना जरूरी कस्टम प्रक्रिया के बड़े पैमाने पर सोने में लगाया जाता था। दो महीने पहले मिली नियमों के खिलाफ लेन-देन की जानकारी सूत्रों के अनुसार, करीब दो महीने पहले इस मनी चेंजर के नियमों के खिलाफ लेन-देन की जानकारी जिला अधिकारियों तक भी पहुंची थी। उस समय यह मामला कथित तौर पर निपटा दिया गया था। इसके बाद मनी चेंजर ने अपना काम करने का तरीका बदल दिया। उसने पंजाब के कुछ जगहों से फिर नकद डॉलर इकट्ठा कर उन्हें दिल्ली में बेचने का कारोबार जारी रखा। बताया गया है कि कुछ दिन पहले DRI ने मनी चेंजर के कर्मचारियों को दिल्ली जाते समय पकड़ा। उनके पास से करीब दो किलो सोना और 50 लाख रुपए से ज्यादा कैश मिला। पूछताछ में इन लोगों से दिल्ली की उस फर्म के बारे में जानकारी मिली, जहां डॉलर का लेन-देन होता था। लुधियाना स्थित प्रतिष्ठानों पर भी हुई छापेमारी इसके बाद 8 सितंबर को डीआरआई की टीमों ने मनी चेंजर से कथित तौर पर जुड़े लुधियाना स्थित सोने के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इसके बाद निहाल सिंह वाला में भी छापेमारी की गई। हालांकि डीआईआर की टीमों ने इस कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा। सूत्रों के मुताबिक टीम ने करीब दो घंटे तक विभिन्न दस्तावेजों और रिकॉर्ड को खंगाला। कार्रवाई के दौरान क्या बरामद हुआ और आगे की जांच किस दिशा में बढ़ रही है, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। क्या हैं मनी एक्सचेंज के नियम? जानकारी के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति मनी चेंजर को डॉलर देकर भारतीय मुद्रा लेना चाहता है तो 50 हजार रुपए से कम की राशि नकद के माध्यम से बदली जा सकती है। इसके लिए मनी चेंजर को संबंधित बिल जारी करना तथा प्राप्त नकदी को प्रतिदिन बैंक में जमा करवाना होता है। इससे अधिक राशि का भुगतान बैंकिंग माध्यम यानी ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर के जरिए किया जाना आवश्यक है। बड़े स्तर पर चल रहा हवाला राशि का कथित कारोबार बताया जाता है कि पंजाब, विशेषकर मोगा जिले में हवाला राशि के लेन-देन का कथित कारोबार भी बड़े स्तर पर चल रहा है। इसमें विदेश में डॉलर दिए जाने के बदले यहां संबंधित व्यक्तियों या उनके परिवारों को नकद राशि सौंपे जाने के आरोप सामने आते रहे हैं। दिल्ली में क्यों मिलता है डॉलर का अधिक भाव? जानकारी के अनुसार पंजाब में प्रवासी भारतीय डॉलर लेकर आते हैं और मनी चेंजर को डॉलर देकर भारतीय मुद्रा प्राप्त करते हैं। वहीं दिल्ली में दुनिया भर से व्यापारी और अन्य लोग आते हैं, जिन्हें विदेशी मुद्रा की आवश्यकता होती है। इसी मांग के कारण कथित तौर पर पंजाब की तुलना में दिल्ली में विभिन्न देशों की मुद्रा का भाव एक-दो रुपए तक अधिक मिल जाता है।
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मोगा के मनी एक्सचेंजर पर DRI की छापेमारी:पंजाब से डॉलर इकट्ठा कर दिल्ली में बेचता था, 2 किलो सोना और 50 लाख कैश भी मिला
