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मोतिहारी के केसरिया प्रखंड के मझरिया गांव में करीब 2.46 करोड़ रुपये की लागत से बना पुल एप्रोच पथ के अभाव में बेकार साबित हो रहा है। पुल का निर्माण कई महीने पहले पूरा हो चुका है, लेकिन इसे मुख्य सड़क से जोड़ने वाले एप्रोच पथ का काम अब तक शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को पुल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गंडक के कटाव से हर साल टूटता है संपर्क मझरिया गांव के लोग हर साल गंडक नदी के कटाव की समस्या झेलते हैं। कटाव के कारण सड़क बह जाने से गांव का मुख्य सड़क से संपर्क टूट जाता था। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय विधायक शालिनी मिश्रा की पहल पर मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत पुल निर्माण की स्वीकृति मिली थी। 7 अक्टूबर 2025 को हुआ था शिलान्यास पुल का शिलान्यास 7 अक्टूबर 2025 को किया गया था। करीब 2 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से बनने वाला पुल अब तैयार हो चुका है। लेकिन पुल तक पहुंचने के लिए जरूरी एप्रोच पथ का निर्माण नहीं होने से पूरी परियोजना अधूरी पड़ी है। 8 हजार लोगों की आवाजाही प्रभावित ग्रामीणों के मुताबिक, एप्रोच पथ नहीं बनने से तीन से चार गांवों के करीब 7 से 8 हजार लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्कूली बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं, गर्भवती महिलाओं और बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बरसात में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने पर संपर्क मार्ग के पूरी तरह बाधित होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते एप्रोच पथ का निर्माण नहीं हुआ तो तैयार पुल भी बरसात में महज दिखावे की चीज बनकर रह जाएगा। ग्रामीणों ने जल्द निर्माण की मांग की स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से एप्रोच पथ का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल और एप्रोच पथ दोनों का निर्माण पूरा होने के बाद ही परियोजना का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सकेगा। अगर इसमें और देरी हुई तो करोड़ों रुपये की लागत से बनी योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
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मोतिहारी में करोड़ों का पुल तैयार, एप्रोच पथ गायब:केसरिया के मझरिया गांव में पुल तैयार, 7-8 हजार लोगों की आवाजाही प्रभावित
