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मोनू सुसाइड केस- सहायक दरोगा सस्पेंड:दोनों पक्षों के आरोपों की जांच SIT के हवाले; परिजन ने 4 लाख रुपए मांगने का लगाया था आरोप




दरभंगा के खराजपुर गांव में मोनू आत्महत्या मामले में पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के बीच एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बड़ी कार्रवाई की है। सहायक दारोगा इंद्रदेव कुमार को निलंबित कर दिया है। एसएसपी ने गुरुवार देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस जांच में सामने आए तथ्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक दारोगा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभागीय कार्रवाई के तहत उनसे स्पष्टीकरण भी पूछा जाएगा। वहीं, मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच के लिए एसआईटी का गठन मोनू के परिजन ने पुलिसकर्मियों पर डराने-धमकाने और रुपए मांगने का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने सिटी एसपी अशोक कुमार चौधरी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। टीम में प्रभारी एसडीपीओ-1 एसके सुमन, बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार, एसएसपी कार्यालय में पदस्थापित इंस्पेक्टर सुनील कुमार, अमित कुमार साह समेत डीआईयू के कर्मियों को शामिल किया गया था। दो दिन तक पुलिसकर्मी के पास रहा मोबाइल, थाने को नहीं दी गई जानकारी एसएसपी ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई कि मोनू का मोबाइल दो दिन पहले पुलिसकर्मियों को मिला था, लेकिन इसकी जानकारी थाना प्रभारी को नहीं दी गई। सहायक दारोगा इंद्रदेव कुमार का कहना था कि बरामद मोबाइल मोनू का नहीं है और दूसरा मोबाइल लाने की बात कही गई थी। इस दौरान मोबाइल उनके पास रहा और वे मोनू के घर जाकर परिजनों से विभिन्न जानकारी का आदान-प्रदान भी करते रहे, लेकिन इसकी जानकारी संबंधित पुलिस पदाधिकारी को नहीं दी गई। एसएसपी ने कहा कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सहायक दारोगा को निलंबित किया गया है। मामले में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। चार लाख रुपये मांगने का आरोप मोनू के परिजन ने आरोप लगाया था कि मोबाइल मिलने के बाद सहायक दारोगा समेत तीन पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे थे। पुलिसकर्मियों ने मोनू से चार लाख रुपये की मांग की थी। मोनू ने रुपए देने में असमर्थता जताई थी। पुलिसकर्मियों के वहां से जाने के बाद उसने दोपहर में आत्महत्या कर ली। यह भी आरोप था कि तीनों पुलिसकर्मी बिना नंबर प्लेट की बाइक से उसके घर पहुंचे थे। फायरिंग के आरोप की भी हो रही जांच फायरिंग किए जाने के आरोप पर एसएसपी ने कहा कि अभी तक सामने आए सीसीटीवी फुटेज में ऐसा कुछ नहीं दिखा है। इसके बावजूद पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों के बयान दर्ज कर रही है। अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।हर बिंदु पर अलग-अलग जांच चल रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों की ओर से दर्ज हुई प्राथमिकी मामले को लेकर सहायक दारोगा इंद्रदेव कुमार के फर्द बयान पर बहादुरपुर थाना में चार नामजद समेत 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, मोनू के पिता जागेश्वर सहनी के आवेदन पर भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।



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