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मध्य प्रदेश क्राइम फाइल में इस बार कहानी चित्रकूट की उस वारदात की, जिसने धार्मिक नगरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
मंदाकिनी नदी के जिन घाटों पर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है और दीपदान के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं, वहीं एक रात एक लड़की और उसके दोस्त के साथ वारदात हुई।
6 मई 2023 की रात दोनों घाट पर घूम रहे थे। कुछ देर बाद नकाब पहने युवकों ने उन्हें घेर लिया। लड़की को एक नाव में और उसके दोस्त को दूसरी नाव में बैठाकर नदी के अंधेरे हिस्से में ले गए।
करीब एक घंटे बाद दोनों किसी तरह घाट तक पहुंचे। लड़की की हालत ऐसी थी कि वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी। लड़के ने पुलिसकर्मियों को देखते ही कहा- “साहब, बचा लीजिए… वो लोग मार देंगे।”
इसके बाद शुरू हुई जांच ने सबको हैरान कर दिया।
आखिर क्या था पूरा मामला-आगे पढ़िए… चित्रकूट में 6 मई 2023 की रात 1 बजे मंदाकिनी की धारा शांत थी। दिनभर श्रद्धालुओं से भरे रहने वाले घाट अब लगभग सुनसान थे। स्ट्रीट लाइट की रोशनी भी कई जगह पर्याप्त नहीं थी।
घाट पर यूपी पुलिस के दो आरक्षक गश्त कर रहे थे। तभी उन्हें अंधेरे से दो लोग आते दिखाई दिए। एक युवक और उसके साथ एक लड़की। दोनों घबराए हुए थे।
लड़की के कपड़े अस्त-व्यस्त थे और बाल बिखरे हुए थे। उसकी सांसें तेज चल रही थीं। पुलिसकर्मियों ने दोनों को रोका तो युवक ने मदद की गुहार लगाई।
उसने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें पकड़ लिया था। उसके साथ मारपीट की गई और उसकी दोस्त के साथ गैंगरेप किया गया। रात 11 बजे: घाट पर बैठा था कपल, तभी पहुंचे नकाबपोश सुबह होने पर मझगवां थाने से महिला एसआई नेहा ठाकुर पहुंचीं। उन्होंने लड़की से अलग-अलग सवाल पूछे। जो कहानी सामने आई, उससे जांच की दिशा तय होने लगी।
पीड़िता ने अपना नाम साक्षी( परिवर्तित नाम) बताया। उसने पुलिस को बताया कि वह इलाज के सिलसिले में चित्रकूट आई थी। रात करीब 11 बजे वह अपने दोस्त मनोज के साथ भरत घाट पर घूम रही थी।
कुछ देर दोनों घाट पर बैठे और बातचीत करने लगे। तभी अचानक चार-पांच नकाबपोश युवक उनके पास पहुंचे। दो नावों से नदी के अंधेरे हिस्से की ओर ले गए साक्षी के मुताबिक, आरोपियों ने दोनों को घाट से उठाकर नावों के पास पहुंचाया। लड़की को एक नाव में बैठाया गया। उसके साथ तीन युवक बैठ गए।
मनोज को दूसरी नाव में दो युवकों के साथ बैठा दिया गया। दोनों नावें घाट से दूर जाने लगीं।रात बढ़ रही थी। घाट की रोशनी पीछे छूटती जा रही थी।
कुछ देर बाद नावें नदी के उस हिस्से में पहुंचीं, जहां चारों तरफ अंधेरा था।साक्षी ने बताया कि नाव को घाट से करीब आधा किलोमीटर दूर ले जाकर किनारे लगाया गया।
इसके बाद आरोपियों ने लड़की के साथ गैंगरेप किया।
उसने मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन आसपास कोई नहीं था। दूसरी नाव में मनोज को बदमाशों ने पकड़कर रखा था। रात करीब 1 बजे: दोनों फिर घाट पर पहुंचे साक्षी ने बताया कि रात करीब एक बजे आरोपियों ने उसे घाट पर छोड़ दिया और नाव से वहां से चले गए। वह बेहद घबराई हुई थी और उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी।
इसी बीच मनोज भी किसी तरह वहां पहुंचा। उसने साक्षी को संभाला और पुलिस की मदद लेने के लिए घाट की ओर बढ़ा।
घाट पर गश्त कर रहे यूपी पुलिस के जवानों को देखते ही दोनों उनकी ओर मदद मांगने के लिए बढ़े। इसके बाद उन्हें ऑटो से मप्र के चित्रकूट थाने पहुंचाया गया। पुलिस ने पांच आरोपियों पर केस दर्ज किया 6 मई को पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साक्षी को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
जांच के दौरान उसके कपड़े और मेडिकल सैंपल सुरक्षित किए गए। आरोपियों के मेडिकल सैंपल भी लिए गए और खून के नमूने डीएनए जांच के लिए भेजे गए। अब पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही थी- – क्या पकड़े गए पांच लोग ही आरोपी थे जिन्होंने वारदात को अंजाम दिया?
– उन्होंने वारदात को अचानक अंजाम दिया या प्लानिंग थी?
– मनोज से लड़की का क्या संबंध था?
– रात में सुनसान घाट पर वह मनोज के साथ क्या कर रही थी? मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट 2 में पढ़िए इन सवालों के जवाब…
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