Headlines

मोहाली मृत व्यक्ति को 'जिंदा' दिखा करोड़ों का फर्जीवाड़ा:अमेरिका निवासी NRI का प्लॉट हड़पने की साजिश, फर्जी GPA बनाकर रजिस्ट्री कराई, FIR दर्ज




मोहाली स्थित सनी एन्क्लेव में अमेरिका में रह रहे एनआआई के करोड़ो के प्लॉट हड़पने के लिए 4 साल पहले मर चुके व्यक्ति को कागजों में ‘जिंदा’ खड़ा कर दिया। फर्जी GPA बनाकर एनआरआई का प्लॉट अपने नाम करवा लिया। लेकिन इसी बीच एनआरआई की मां अपने प्लॉट को देखने गई तो उसकी भनक उसे लग गई। उसने तुरंत अपने बेटे को बताया। बेटे ने इस मामले पंजाब पुलिस के एनआरआई थाने को शिकायत दी। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए अमनदीप कौर, दलबीर सिंह, विनोद कुमार व निर्मल चंद पर एफआईआर दर्ज की। अमनदीप कौर अदालत में जमानत के लिए पहुंची थी, लेकिन जमानत देने से मना कर दिया। अदालत ने कहा किमृतक को जिंदा दिखाकर साजिश है। हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अब सारी कहानी को प्वाइंट वाइज जानिए
18 साल पहले खरीदा था प्लॉट अमित नागपाल ने बताया कि मैं मैनचेस्टर, कनेक्टिकट, अमेरिका में रहता हूं। मैंने सनी एन्क्लेव, देसू माजरा, तहसील खरड़, मोहाली में बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड से गांव फतहउल्लापुर में 192 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदा था। इसकी सेल डीड मैसर्स बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जरनैल सिंह बाजवा के माध्यम से 05.06.2008 को मेरे नाम पर करवाई हुई थी। इसके बाद तहसील खरड़ के राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल नंबर के जरिए मेरा नाम दर्ज हुआ। मैं इस संपत्ति का वैध व एकमात्र मालिक हूं और इस प्लॉट का कब्जा हमेशा मेरे पास ही रहा है। प्लॉट खाली, बाउंड्री वॉल् करवाई मेरा एक खाली प्लॉट था, जिसकी बाउंड्री वॉल बनवाकर और पिलर लगाकर मैंने चारों तरफ बाड़ (फेंसिंग) कर दी थी और अपना साइनबोर्ड भी लगा दिया था। मैं 2008 में अमेरिका शिफ्ट हो गया था और समय-समय पर ही भारत आता हूं। चूंकि अमनदीप कौर और उनके पति दलबीर सिंह मेरे पड़ोसी हैं, इसलिए वे अच्छी तरह जानते थे कि मैं एक एनआरआई हूं और भारत में स्थायी रूप से नहीं रहता। मां देखने आई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ हाल ही में, जब मेरी मां प्लॉट का निरीक्षण करने गईं, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ और उन्होंने मुझे इसकी जानकारी दी। उक्त लोगों ने आपस में मिलीभगत करके मेरी संपत्ति को अवैध रूप से हड़पने और गलत लाभ कमाने की नीयत से फर्जी और जाली दस्तावेज तैयार किए। देसू माजरा निवासी करम सिंह, जो मेरी संपत्ति से कोई संबंध नहीं रखता और जिसे मैं जानता तक नहीं, उसने खुद को झूठा मालिक बताकर 29.08.2025 को एक पावर ऑफ अटॉर्नी निर्मल चंद के नाम करवा दी। फर्जी तरीके मेरे प्लॉट का नंबर जोड़ दिया इस पावर ऑफ अटॉर्नी में मेरे प्लॉट नंबर का कोई उल्लेख तक नहीं था, फिर भी इसे जानबूझकर अवैध रूप से शामिल किया गया। इसके बाद निर्मल चंद ने 01 दिसंबर 2025 को वसीका के तहत अमनदीप कौर के पक्ष में मेरे प्लॉट की एक फर्जी और जाली सेल डीड करवा दी। इस जाली रजिस्ट्री के समय अमनदीप कौर का पति दलबीर सिंह सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद था और नंबरदार व दो गवाहों ने भी हस्ताक्षर किए। इसके बाद एनआरआई की शिकायत पर केस दर्ज हुआ।
अदालत में कमजोर पड़ आरोपी की कहानी केस दर्ज होने के बाद महिला अदालत पहुंची । वहां पता चला कि 1 दिसंबर 2025 की फर्जी सेल डीड में प्लॉट की रकम चेक से देने की बात लिखी गई थी, लेकिन पुलिस पूछताछ में अमनदीप कौर ने कहा कि भुगतान नकद किया गया था। जांच में सामने आया कि वास्तव में प्लॉट की खरीद के लिए कोई भुगतान हुआ ही नहीं था और पूरा लेन-देन सिर्फ कागजों पर दिखाया गया था। अदालत ने भी चेक और नकद के अलग-अलग दावों और वास्तविक भुगतान नहीं होने को गंभीर माना, जिससे अमनदीप कौर की भूमिका संदिग्ध नजर आती है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *