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यमुनानगर में मंडी में बारिश से भीगी धान:किसानों की बढ़ी चिंता, खरीद और उठान में देरी से परेशानी




यमुनानगर में रविवार को हुई बारिश किसानों के लिए आफत बनकर बरसी। जिले की अनाज मंडियों में खुले में पड़ी धान की फसल और बोरियों के बारिश में भीगने से किसानों की चिंता बढ़ गई। मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों को अब धान की गुणवत्ता प्रभावित होने और बिक्री के समय परेशानी आने का डर सता रहा है। किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार करने से लेकर उसे मंडी तक पहुंचाने में काफी मेहनत और खर्च लगता है, लेकिन मंडी में पहुंचने के बाद भी समय पर खरीद और उठान नहीं होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैंं। बारिश के बाद खुले में रखी धान को सुरक्षित रखना भी चुनौती बन गया है। लिफ्टिंग में देरी से परेशानी जगाधरी अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे सतनाम सिंह ने कहा कि उसकी फसल दो दिन से मंडी में पड़ी है, लेकिन अभी तक खरीद नहीं हुई। बारिश में उसकी काफी फसल भी गई है। मौसम विभाग ने आगले दिनों में बारिश की संभावना जताई है ऐसे में नुकसान और बढ़ सकता है। खुले में रखी धान की बोरियों पर पानी गिरने से फसल में नमी बढ़ेगी। पांच दिन से मंडी में फसल लेकर बैठे किसान परेशान किसान विक्रम सिंह ने कहा कि मंडी में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों के सामने सबसे बड़ी परेशानी समय पर खरीद और उठान की है। किसान चाहते हैं कि उनकी फसल मंडी में पहुंचने के बाद बिना अनावश्यक देरी के खरीदी जाए। इसके साथ ही खरीदी गई धान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाए। बारिश के मौसम में खुले में रखी फसल को नुकसान से बचाना बेहद जरूरी है। खरीद और उठान में देरी होने से किसानों का समय भी खराब होता है और अगली फसल लेकर मंडी पहुंचने में भी दिक्कत आती है। समंडी में फसल लाने के बाद भी नहीं मिल रही राहत संजीव ने बताया कि किसानों को खेत से फसल तैयार करने और मंडी तक पहुंचाने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसके बावजूद मंडी में समय पर खरीद नहीं होने से उन्हें इंतजार करना पड़ता है। उसकी काफी फसल पानी में भी गई है, जिससे काफी नुकसान हुआ है। मंडी में करीब 70 प्रतिशत धान अभी बगैर खरीद के पड़ा है। संजीव कहा कि बारिश के दौरान खुले में रखी धान की बोरियों को सुरक्षित रखना जरूरी है। यदि खरीदी गई फसल का समय पर उठान नहीं होगा तो मंडी में जगह की समस्या बढ़ेगी और किसानों को अपनी उपज रखने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ेगा। एसडीएम विश्वनाथ का कहना है मंडी में उठान के लिए एजेंसी को तेजी से काम करने के आदेश दिए हैं ताकि बाकि फसल शेड के नीचे रखी जा सके।



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