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यूपीआई पर 0.4% एमडीआर शुल्क का विरोध कारोबारियों ने ऑनलाइन भुगतान से बनाई दूरी




भास्कर न्यूज | जामताड़ा यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाए जाने की चर्चा के बीच जामताड़ा के व्यापारियों में नाराजगी बढ़ने लगी है। शुल्क के विरोध में कुछ कारोबारी यूपीआई के माध्यम से भुगतान लेना बंद कर चुके हैं तो कुछ सीमित मात्रा में ले रहे हैं। जिससे खरीदारी करने पहुंच रहे ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर ऐसे ग्राहक, जो जेब में पर्याप्त नकद नहीं रखते और छोटे-बड़े भुगतान के लिए पूरी तरह डिजिटल लेन-देन पर निर्भर हैं, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे परेशानी की बात यह है कि अभी त्योहार का सीजन आ रहा है। ऐसे समय में अधिकांश भुगतान ऑनलाइन के जरिए किया जाता है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में यूपीआई भुगतान बाजार की रोजमर्रा की व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। ब्रेड, अंडा, किराना दुकान, कपड़ा, दवा, होटल-रेस्टोरेंट, सब्जी सहित छोटे कारोबार से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक ग्राहक मोबाइल से भुगतान कर रहे थे। कई दुकानदारों के अनुसार उनके कारोबार में करीब 70 प्रतिशत तक भुगतान यूपीआई के माध्यम से होता था। ऐसे में डिजिटल भुगतान में किसी तरह का शुल्क लागू होने पर इसका सीधा असर व्यापारियों और ग्राहकों दोनों पर पड़ेगा। नकदी की कमी से ग्राहकों की बढ़ी परेशानी यूपीआई भुगतान नहीं लेने की स्थिति में ग्राहकों को नकद लेकर बाजार पहुंचना पड़ रहा है। कई ग्राहकों के पास पर्याप्त छुट्टे (खुदरा) पैसे नहीं होने के कारण खरीदारी के दौरान परेशानी हो रही है। छोटे सामान की खरीदारी में भी भुगतान के लिए नकद की व्यवस्था करनी पड़ रही है। वहीं, बड़े भुगतान करने वाले ग्राहकों को भी वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ रही है। व्यापारियों का कहना है कि यूपीआई की सुविधा ने लेन-देन को काफी आसान बनाया है। ग्राहक बिना नकद रखे कुछ सेकंड में भुगतान कर देते हैं और दुकानदार को भी भुगतान का रिकॉर्ड मिल जाता है। यदि इस पर एमडीआर शुल्क लागू होता है तो छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। यही वजह है कि व्यापारी संगठन सरकार से यूपीआई भुगतान पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगाने की मांग कर रहे हैं। आधिकारिक घोषणा नहीं, लेकिन चर्चा हो रही : चैंबर यूपीआई पर 0.4% एमडीआर शुल्क के विरोध में 2 अक्टूबर को चैंबर ऑफ कॉमर्स के द्वारा उपवास कर धरना प्रदर्शन किया गया था। सरकार पर दबाव बनाने के लिए व्यापारियों से आह्वान किया गया था। जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से यूपीआई से भुगतान लेना बंद करने की कोई घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि यूपीआई भुगतान को लेकर व्यापारियों को होने वाले परेशानी को देखते हुए चर्चा जरूर है, लेकिन चैंबर ने आधिकारिक तौर पर बहिष्कार का निर्णय नहीं लिया है।



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