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रिटायरमेंट से 5 दिन पहले IAS डी. सुरेश कुमार पर:गुरुग्राम ACB ने दर्ज किया केस, गिरफ्तारी से पहले देना होगा 7 दिन का नोटिस




हरियाणा के सीनियर आईएएस (IAS) अफसर डॉ. डी. सुरेश कुमार के रिटायरमेंट से ठीक 5 दिन पहले एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज की गई FIR के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राहत दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, यदि जांच के दौरान पुलिस या ACB को डी. सुरेश की कस्टडी की जरूरत पड़ती है, तो उन्हें कम से कम 7 दिन पहले नोटिस देना होगा। मामले की अगली सुनवाई अब 16 अक्टूबर 2026 को तय की गई है। अब जानिए क्या है पूरा मामला.. अदालत में सरकार पक्ष की दलील राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट में बताया कि FIR दर्ज करने की मंजूरी सरकार से 29 जुलाई 2026 को मिली थी। इसके बाद 3 अगस्त को मामला विजिलेंस ब्यूरो गुरुग्राम को भेजा गया, 13 अगस्त को ड्राफ्ट हेड ऑफिस गया और 25 अगस्त को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद 26 अगस्त 2026 को FIR दर्ज की गई। सरकार ने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और सही मंशा के साथ पूरी की गई है।

आईएएस अधिकारी डी. सुरेश कौन हैं? डी. सुरेश हरियाणा कैडर के 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जिन्हें लोक प्रशासन में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। 12 अगस्त, 1966 को आंध्र प्रदेश में जन्मे, उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने पूरे करियर में, उन्होंने शहरी विकास से लेकर शिक्षा तक के जटिल विभागों के प्रबंधन में अपनी विशेषज्ञता के लिए ख्याति अर्जित की है। वह वर्तमान में हरियाणा सरकार के मत्स्य विभाग में प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत हैं, यह पद उन्होंने 2024 की शुरुआत में ग्रहण किया था। जो 31 अगस्त को रिटायर होंगे।



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