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वाराणसी में सोमवार सुबह तेज धूप खिली रही। सुबह का तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि नमी 81 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल अगले पांच से छह दिनों तक बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि दूसरी ओर गंगा के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी ने घाट किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार राजघाट स्थित गेज पर गंगा का जलस्तर 66.52 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। कुछ समय के दौरान गंगा का पानी करीब दो से चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ता रहा। इससे गंगा के साथ ही वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में भी हलचल बढ़ गई है। हालांकि अभी गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से करीब 3.7 मीटर और खतरे के निशान से लगभग 4.7 मीटर नीचे है। पानी उतरा था, अब फिर बढ़ने का खतरा पिछले दिनों गंगा का जलस्तर घटने के बाद घाटों और आसपास के इलाकों में लोगों ने राहत की सांस ली थी। कई जगहों से पानी उतरने के बाद दुकानदारों ने अपना सामान व्यवस्थित करना शुरू कर दिया था। घाट किनारे की गतिविधियां भी धीरे-धीरे सामान्य होने लगी थीं। अब जलस्तर में फिर बढ़ोतरी होने से लोगों को दोबारा बाढ़ की चिंता सताने लगी है। घाट किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह तेजी से बढ़ता रहा तो जिन घाटों से पानी उतर चुका है, वहां फिर से पानी पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में दुकानदारों को अपनी दुकानें और सामान दोबारा सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ सकता है। लगातार जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। 84 घाटों का संपर्क अभी भी टूटा गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच वाराणसी के 84 घाटों का आपसी संपर्क अभी भी टूटा हुआ है। कई घाटों के बीच रास्ते पानी और कीचड़ से प्रभावित हैं। इसके कारण घाटों पर आवागमन सामान्य नहीं हो पाया है। गंगा घाटों पर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग एक घाट से दूसरे घाट तक पैदल नहीं जा पा रहे हैं। नाव के जरिए आवागमन भी जलस्तर और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर है। घाटों पर जमा मिट्टी और गाद के कारण भी आवाजाही प्रभावित है। वरुणा किनारे भी बढ़ी चिंता गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों पर भी देखने को मिल रहा है। तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग लगातार जलस्तर की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है, इसलिए फिलहाल तत्काल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। इसके बावजूद लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए लोग सतर्क हैं।
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वाराणसी में फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर:84 घाटों का संपर्क टूटा, वाराणसी में निकली तेज है धूप
