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विश्व ईवी दिवस के अवसर पर बुधवार को राजधानी भोपाल में मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) की ओर से इलेक्ट्रिक वाहन जागरूकता रैली और ईवी एक्सपो का आयोजन किया गया। आयोजन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सहयोग तथा ‘सिटीज फोरम’ के तकनीकी समन्वय से हुआ। रैली का शुभारंभ गोविंदपुरा दशहरा मैदान से हुआ। यह शहर के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय मार्गों से होते हुए मैनिट परिसर पहुंची। 50 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन हुए शामिल रैली में 50 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन का संदेश दिया। इनमें दोपहिया वाहन, निजी कारें, ई-ऑटो, वाणिज्यिक ई-ऑटो, इलेक्ट्रिक पिकअप और इलेक्ट्रिक बसें शामिल थीं। आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को शून्य-उत्सर्जन परिवहन के फायदे बताने के साथ शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने में जनभागीदारी बढ़ाना था। स्वच्छ मोबिलिटी इकोसिस्टम के लिए प्रतिबद्ध सरकार अपर आयुक्त, नगरीय विकास एवं आवास अभिषेक सराफ ने कहा कि राज्य सरकार ‘मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025’ के माध्यम से भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सुरक्षित, सुदृढ़ और पर्यावरण-अनुकूल मोबिलिटी इकोसिस्टम तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। नीतिगत प्रोत्साहनों से स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं भोपाल नगर निगम की अपर आयुक्त अंजू अरुण कुमार ने कहा कि नागरिक सहभागिता और नवाचार नगरीय परिवहन की रीढ़ हैं। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और आधुनिक तकनीकों को अपनाना शहरों को प्रदूषण मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। ईवी एक्सपो में प्रमुख कंपनियों ने दिखाए वाहन मैनिट परिसर में आयोजित ईवी एक्सपो में ऑटोमोबाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों ने अपने इलेक्ट्रिक वाहनों, नई तकनीकों और बैटरी समाधानों का प्रदर्शन किया। एक्सपो में महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हुंडई, मारुति सुजुकी, किआ, बीवाईडी, एमजी मोटर, ओला इलेक्ट्रिक, एथर एनर्जी और सिंपल एनर्जी ने भाग लिया। पांच शहरों को बनाया जा रहा मॉडल ईवी सिटी प्रदेश में स्वच्छ और सतत नगरीय परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लागू ‘मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025’ के तहत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को मॉडल ईवी शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। नीति के तहत ई-वाहनों के पंजीयन शुल्क और रोड टैक्स में छूट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और बैटरी स्वैपिंग सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। नागरिकों और निवेशकों की सुविधा के लिए ‘ईवी तरंग’ पोर्टल के माध्यम से एकीकृत सूचना प्रणाली उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक प्रदेश में हरित परिवहन के लक्ष्यों को हासिल करना है। अगस्त में 15,838 नए ईवी पंजीकृत प्रदेश में अगस्त 2026 में 15,838 नए इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीयन हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह देश के कुल ईवी बाजार का 5% से अधिक हिस्सा है। प्रदेश में पिछले पांच वर्षों में 1,400 से अधिक चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा चुके हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने के साथ उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ा है।
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विश्व ईवी दिवस पर भोपाल में स्वच्छ परिवहन का संदेश:ईवी जागरूकता रैली में 50 से ज्यादा वाहन शामिल, मैनिट एक्सपो में दिखीं नई इलेक्ट्रिक तकनीकें
