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शामली में कांवड़ यात्रा के दौरान लागू यातायात प्रतिबंधों का असर अब रोडवेज बस संचालन पर भी दिखने लगा है। भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक के चलते मेरठ और सहारनपुर रूट की रोडवेज बसों का संचालन बाईपास से किया जा रहा है। इससे बस चालकों और परिचालकों को यात्रियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। मेरठ और सहारनपुर मार्ग की बसों के लिए शहर से बाहर बाईपास पर अस्थायी बस स्टैंड बनाया गया है। यात्रियों को यहीं से बसों में सवार होना पड़ रहा है, जिससे रोडवेज संचालन प्रभावित हो रहा है। कम सवारियों के साथ दौड़ रहीं बसें बस चालकों का कहना है कि शहर के भीतर ईको और अन्य छोटे निजी वाहन यात्रियों को सीधे उनके गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। इसके चलते अधिकांश यात्री बाईपास तक नहीं पहुंचते और रोडवेज बसों में सवारियों की संख्या लगातार कम बनी हुई है। चालकों के मुताबिक कई बार बसों को पर्याप्त यात्री न मिलने के बावजूद रवाना करना पड़ रहा है। इससे रोडवेज के राजस्व पर असर पड़ रहा है और बस संचालन भी आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहा है। व्यावहारिक समाधान की मांग रोडवेज कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों को समस्या से अवगत कराते हुए मांग की है कि शहर से बाईपास तक यात्रियों की पहुंच सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाए या छोटे वाहनों के संचालन को व्यवस्थित किया जाए। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन सार्वजनिक परिवहन को सुचारु बनाए रखने के लिए संतुलित समाधान भी आवश्यक है।
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शामली में कांवड़ रूट प्लान का रोडवेज पर असर:बाईपास से दौड़ रहीं खाली बसें, छोटे वाहन ले जा रहे सवारियां
