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शाहजहां बानो ने प्यार की खातिर किया धर्म परिवर्तन:जौनपुर की शाहजहां ने प्रतापगढ़ के पवन यादव से बरेली में किया विवाह, शाहजहां बनी प्रतीक्षा यादव




पांच साल की मोहब्बत आखिरकार शादी के मुकाम तक पहुंच गई। जौनपुर की रहने वाली शाहजहां बानो ने अपने प्रेमी प्रतापगढ़ निवासी पवन यादव से बरेली में वैदिक रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। विवाह से पहले उसने हिंदू धर्म अपनाया और अपना नाम प्रतीक्षा यादव रख लिया। अगस्त्य मुनि आश्रम में हुए इस विवाह के दौरान धार्मिक अनुष्ठान कराए गए। शाहजहां का कहना है कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन और शादी का फैसला लिया है, जबकि दोनों की प्रेम कहानी कॉलेज के दिनों से शुरू हुई थी। अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक रीति से हुआ विवाह
जौनपुर के नाहरमऊ निवासी शाहजहां बानो (19) पुत्री समीउल्ला ने प्रतापगढ़ के भोजेपुर निवासी पवन यादव (19) पुत्र भारत राम से शनिवार को बरेली के मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक रीति-रिवाज से शादी की। पंडित केके शंखधार ने पहले शाहजहां की घर वापसी करवाई। उन्होंने गौमूत्र और गंगाजल पिलाकर शाहजहां का शुद्धिकरण कराया। इसके बाद गायत्री मंत्र का जाप कराया और फिर जय श्रीराम के जयकारे लगवाए। इसके बाद शाहजहां बानो ने अपना नाम प्रतीक्षा यादव रख लिया। कॉलेज की दोस्ती से शुरू हुई पांच साल पुरानी मोहब्बत
शाहजहां और पवन की प्रेम कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। दोनों की मुलाकात कॉलेज के दिनों में हुई, जहां धीरे-धीरे दोस्ती गहरी होती चली गई। साथ पढ़ाई करना, घंटों फोन पर बातें करना और भविष्य के सपने बुनना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया। शाहजहां ने खुद सबसे पहले अपने दिल की बात पवन से कही थी। इसके बाद दोनों ने हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाने का वादा किया। अलग-अलग जिलों में रहने के बावजूद दोनों का रिश्ता कभी कमजोर नहीं पड़ा। तमाम सामाजिक और पारिवारिक मुश्किलों के बीच भी दोनों ने अपने प्यार पर भरोसा रखा और आखिरकार विवाह कर जीवनभर साथ रहने का फैसला किया। शाहजहां बोलीं- मैंने खुद किया प्रपोज
शाहजहां ने कहा कि मैंने अपनी मर्जी से शादी की है। अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन किया है। मुझ पर किसी तरह का कोई जोर या दबाव नहीं है। मैं बालिग हूं और मैंने बीए किया है। उसने कहा कि हम दोनों पांच साल से एक-दूसरे को जानते हैं। हम दोनों अलग-अलग जिलों में रहते हैं, लेकिन दोनों के गांवों के बीच ज्यादा दूरी नहीं है। दोनों गांव महज 10 किलोमीटर की दूरी पर हैं। हम दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। वहीं मुझे पवन यादव से मोहब्बत हो गई। मैंने ही सबसे पहले पवन को प्रपोज किया था। इसके बाद हम दोनों रोज बातचीत करने लगे और उम्रभर साथ रहने की कसम खाई। सोशल मीडिया से मिली जानकारी, फिर पहुंचे बरेली
शुक्रवार को हम दोनों ने फोन पर बात की, जिसके बाद हम लोग लखनऊ पहुंचे। हमने सोशल मीडिया पर देखा था कि बरेली के पंडित केके शंखधार इस तरह के विवाह कराते हैं। हमने उनसे फोन पर संपर्क किया। इसके बाद हम लोग बरेली पहुंचे। उन्होंने हमें शिक्षा संबंधी प्रमाणपत्र और आधार कार्ड साथ लाने को कहा। इसके बाद दोनों ने बरेली के डीएम कार्यालय में शपथ-पत्र दिया और धर्म परिवर्तन के लिए आवेदन किया। शनिवार शाम को पंडित केके शंखधार ने दोनों का हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कराया। वैदिक मंत्रों के बीच सात फेरों के साथ बनी नई शुरुआत
पंडित केके शंखधार ने सबसे पहले गंगाजल और गौमूत्र से मंत्रोच्चार के साथ शाहजहां का शुद्धिकरण कराया। इसके बाद उनका धर्म परिवर्तन कराया गया। शाहजहां को गौमूत्र और गंगाजल पिलाया गया तथा गायत्री मंत्र का जाप कराया गया। साथ ही जय श्रीराम के जयकारे लगवाए गए। इसके बाद पंडित केके शंखधार ने दोनों का विवाह संपन्न कराया। पवन ने शाहजहां की मांग में सिंदूर भरा, गले में मंगलसूत्र पहनाया। दोनों ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया। शाहजहां के पैरों में महावर लगाई गई और उन्होंने बिछुए पहने। शाहजहां ने हिंदू धर्म को लेकर कही अपनी बात
शाहजहां ने कहा कि हिंदू धर्म बहुत अच्छा है। मुझे हिंदू धर्म में कोई बुराई नजर नहीं आती। यहां महिलाओं को पूरा अधिकार मिलता है, जबकि हमारे यहां महिलाओं को सिर्फ एक वस्तु समझा जाता है। जब मन चाहता है तो तीन तलाक बोल दिया जाता है और फिर हलाला कराया जाता है। हमें नकाब और बुर्के में रखा जाता है, जबकि हिंदू धर्म में ऐसा कुछ नहीं है। यहां शादी कोई कॉन्ट्रैक्ट मैरिज नहीं, बल्कि सात जन्मों का रिश्ता होती है।
दोनों शादी करने के बाद लखनऊ चले गए हैं। पवन का लखनऊ में टूर एंड ट्रैवल्स का काम है। अब दोनों वहीं साथ रहेंगे। 2024 में भी शादी के लिए पहुंचे थे बरेली
शाहजहां और पवन दो साल पहले, वर्ष 2024 में भी बरेली में शादी करने के लिए आचार्य केके शंखधार के पास आए थे। उस वक्त शाहजहां ने कहा था कि वह अपनी शादी में अपने भाई रहमान को बुलाना चाहती हैं। जब उन्होंने भाई को बुलाया तो उसने कहा कि अगर अभी शादी कर ली तो छोटी बहन का निकाह नहीं हो पाएगा। पहले छोटी बहन का निकाह हो जाने दो, उसके बाद शादी कर लेना। दो महीने पहले छोटी बहन नाजमीन का निकाह होने के बाद दोनों ने अब विवाह करने का फैसला किया। परिवार में माता-पिता, चार भाई और तीन बहनें
शाहजहां के परिवार में माता-पिता, चार भाई और तीन बहनें हैं। सभी भाई-बहनों की शादी हो चुकी है। शाहजहां के पिता सिलाई का काम करते हैं।



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