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शिमला और किन्नौर जिलों में मंगलवार शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी। निचार विकासखंड की कई पंचायतों में शाम करीब पांच बजे तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। क्षेत्र में ओलों की मार इतनी तेज रही कि कुछ ही देर में खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गईं। ओलावृष्टि से धान, तुलसी, दालें, कोदरा, मक्की, बिथु और कांवडी समेत कई फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों के अनुसार, फसलें तैयार होने के दौर में थीं, लेकिन अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई खेतों में फसलें टूटकर जमीन पर गिर गईं, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। किन्नौर की चोरा पंचायत में भी शाम के समय भारी ओले गिरे। ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि पेड़ों की पत्तियां और टहनियां तक टूटकर जमीन पर गिर गईं। इससे खेतों के साथ-साथ पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों और बागवानी का जल्द सर्वे करवाने की मांग की है। निचार खंड और 15/20 क्षेत्र के किसानों का कहना है कि मौसम की मार से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से मौके पर टीमें भेजकर नुकसान का आकलन कराने और प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा देने की मांग की है। हिमाचल के कई हिस्सों में गिरे ओलों के PHOTOS
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शिमला-किन्नौर में ओलावृष्टि से तबाही:कई पंचायतों में तेज बारिश से मौसम बदला; पेड़ों की पत्तियां-टहनियां भी टूटीं
