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हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने रविवार को राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में नई परिसर (स्कूल कॉम्प्लेक्स) प्रणाली के विरोध में प्रदेशस्तरीय प्रदर्शन किया। इसमें प्रदेशभर से हजारों जेबीटी शिक्षक शामिल हुए। प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन ने चौड़ा मैदान और आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया था। प्राथमिक शिक्षक संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि नई परिसर प्रणाली प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करेगी। उनके अनुसार, इससे जेबीटी शिक्षकों और प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की प्रशासनिक भूमिका कमजोर होगी। संघ का कहना है कि यह प्रणाली छोटे प्राथमिक विद्यालयों की स्वायत्तता और पहचान को भी प्रभावित करेगी। शिक्षकों ने सरकार से नई परिसर प्रणाली की अधिसूचना तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बदलाव से पहले शिक्षक संगठनों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। ‘प्राथमिक शिक्षा बचाव न्याय यात्रा’ की है शुरू उल्लेखनीय है कि जेबीटी शिक्षकों ने 11 जुलाई को बगलामुखी मंदिर से ‘प्राथमिक शिक्षा बचाव न्याय यात्रा’ शुरू की थी। यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए रविवार को शिमला पहुंची। इसके बाद चौड़ा मैदान में प्रदेशस्तरीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरने के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने शिक्षक प्रतिनिधियों से बातचीत की, लेकिन यह वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। शिक्षक संघ अपने रुख पर कायम वार्ता बेनतीजा रहने के बाद भी शिक्षक संघ अपने रुख पर कायम रहा। संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक नई परिसर प्रणाली की अधिसूचना वापस नहीं ली जाती और उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षकों के बीच समन्वय और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी दूसरी ओर, शिक्षा विभाग का कहना है कि नई परिसर प्रणाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत स्कूल कॉम्प्लेक्स की अवधारणा पर आधारित है। विभाग के अनुसार, इस प्रणाली के तहत आसपास के कई स्कूलों को एक समूह में जोड़ा जाएगा। उनका संचालन एक लीड स्कूल के माध्यम से होगा, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग, शिक्षकों के बीच समन्वय और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी।
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शिमला में जेबीटी शिक्षकों का प्रदर्शन:नई परिसर प्रणाली के विरोध में की नारेबाजी; सीएम सुक्खू से वार्ता बेनतीजा
