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बक्सर सिविल कोर्ट में न्यायिक कार्यों को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। न्यायालय परिसर के कॉन्फ्रेंस रूम में नवनियुक्त अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य नए लिपिकों को सीआईएस 4.0 प्रणाली के माध्यम से ई-समन जारी करने की प्रक्रिया से अवगत कराना था, ताकि न्यायिक कार्यों का निष्पादन अधिक दक्षता और समयबद्ध तरीके से हो सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिस्टम ऑफिसर विजय कुमार सिंह ने नवनियुक्त लिपिकों को सीआईएस 4.0 प्रणाली की कार्यप्रणाली विस्तार से समझाई। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के जरिए गवाहों को अलग-अलग तिथियों पर डिजिटल तरीके से ई-समन जारी किए जा सकते हैं। सिंह ने ई-समन जारी करने की पूरी प्रक्रिया, तकनीकी बारीकियों और आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी। प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास कराते हुए डिजिटल माध्यम से समन जारी करने का प्रदर्शन भी किया गया। प्रभारी प्रशासन न्यायालय राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायपालिका में तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सीआईएस 4.0 प्रणाली से ई-समन जारी होने से न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित होगी। इससे कागजी कार्यवाही में कमी आएगी, समय की बचत होगी और मामलों के निष्पादन में भी गति मिलेगी। आम लोगों को न्यायिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं न्यायालय का प्रयास है कि डिजिटल तकनीक का अधिकतम उपयोग कर आम लोगों को बेहतर और त्वरित न्यायिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रधान लिपिक संजय कुमार सहित अविनाश कुमार, अभिषेक, सोनम, कहकशां परवीन, राहुल, दीक्षित, सोनिका, चंदन, राजेश, प्रिया, रचिता, साक्षी, ऋचा, आशुतोष, गुड्डू, मणिराज, गौरव और आरती समेत अन्य नवनियुक्त लिपिक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने ई-समन प्रणाली की कार्यप्रणाली को समझा और न्यायालय के डिजिटल कार्यों में इसे प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया। इस पहल को न्यायालय के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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सिविल कोर्ट में नवनियुक्त UDC को सीआईएस 4.0 की ट्रेनिंग:बक्सर में ई-समन प्रणाली की प्रक्रिया बताई, डिजिटल कार्यों में लागू करने का संकल्प
