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सीएम हाउस में मनाई गई राखी:पिंक दीदी, मितानिन दीदी समेत सैकड़ों बहनों ने बांधी मुख्यमंत्री साय को राखी




मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को रक्षाबंधन के दौरान एक पल ऐसा भी आया, जिसने पूरे माहौल को भावुक कर दिया। शहीद कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी सरला दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कलाई पर राखी बांधी। राखी बंधवाने के बाद सीएम साय ने इसे अपने लिए खास और गौरवपूर्ण क्षण बताया। मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नल अशोक कुमार दुबे छत्तीसगढ़ से सेना में शामिल होने वाले पहले जवान थे। उनकी पत्नी से राखी बंधवाना उनके लिए सिर्फ रक्षाबंधन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश के वीर जवानों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान जताने का मौका भी था। CM निवास में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी मुख्यमंत्री निवास में अलग-अलग क्षेत्रों से आई महिलाओं ने भी उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इनमें महिला पत्रकार, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, ई-रिक्शा दीदी, दिव्यांग महिलाएं और विभिन्न समाजों की प्रतिनिधि शामिल थीं। रक्षाबंधन पर जवानों को भी नहीं भूलीं बहनें रायपुर में हुए ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं और स्व-सहायता समूहों की बहनों ने CRPF, BSF, CISF और ITBP समेत करीब 1600 जवानों को राखी बांधी। जिन जवानों की कलाई पर यह राखी बंधी, वे त्योहार के दिन भी अपने परिवार से दूर देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता जताना सभी की जिम्मेदारी है। CM बोले- बहनों का स्नेह मेरे लिए अनमोल मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों से आई बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश की महिलाओं के लिए और ज्यादा समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। राखी के बहाने महिलाओं की कमाई का भी जिक्र कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े आंकड़े भी बताए। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन को देखते हुए 31वीं किस्त की 631 करोड़ रुपए से अधिक की राशि 25 अगस्त को खातों में भेजी गई थी। साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ को 8 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। खेत में ड्रोन, सड़क पर ई-रिक्शा… बदल रही महिलाओं की भूमिका मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदियों का उदाहरण देते हुए कहा कि गांव की महिलाएं अब ड्रोन से खेतों में खाद और दवाइयों का छिड़काव कर रही हैं। उनके मुताबिक, 20-25 एकड़ में काम करने वाली ड्रोन दीदियां एक दिन में 6 से 7 हजार रुपए तक कमा रही हैं। नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां काम कर रही हैं। वहीं जशपुर के बगिया में रक्षाबंधन पर 50 महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए। साय ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि महिलाएं सिर्फ योजनाओं की लाभार्थी न रहें, बल्कि अपना कारोबार शुरू करें और दूसरों को रोजगार देने वाली बनें। रक्षाबंधन के दिन CM का संदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना महिलाओं की भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की माताओं-बहनों को सम्मान और सुरक्षा के साथ आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाया जाए। मुख्यमंत्री निवास की इस रक्षाबंधन सभा में एक तरफ बहनों का स्नेह था, तो दूसरी तरफ उन परिवारों की कहानी भी थी, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने अपनों को खोया है।



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