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सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना क्षेत्र के बर्डपुर नंबर 5 छोटकी बेलहरी गांव में पुरानी रंजिश को लेकर 26 जून को हुए विवाद में घायल जमाल अहमद की 29 अगस्त को लखनऊ के लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के साथ ही 64 दिन पुराना यह विवाद अब हत्या के मामले में बदल गया है। पुलिस ने घटना के दिन ही 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में है। यह घटना 26 जून की सुबह करीब 8:30 बजे बर्डपुर नंबर 5 के छोटकी बेलहरी चौराहे के पास हुई थी। शिकायत के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते मतिबुल्लाह, जुबेर, क्यूम, इमरान, रियाज, महबूद, सफीउल्लाह, आरिफ, हाफू, तौफीक और रुकसाना खातून लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे। उन्होंने दूसरे पक्ष के लोगों को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि लाठी-डंडों से किए गए हमले में जमाल अहमद के सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गए। इस दौरान कलाम अहमद और परिवार के अन्य सदस्यों को भी चोटें आईं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी थी। घटना के बाद मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कई लोग लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस मारपीट में कई लोग घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल जमाल अहमद को परिजन पहले बर्डपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें माधव प्रसाद तिवारी मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर रेफर किया गया। बाद में डॉक्टरों ने उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया था, और अंततः उनका इलाज लखनऊ के लोहिया अस्पताल में चल रहा था जहां उनकी मृत्यु हुई। गोरखपुर में जमाल अहमद का 18 जुलाई तक इलाज चला। इसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और वह घर लौट आए। घर पहुंचने के करीब दो-तीन दिन बाद उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। परिजन उन्हें सिद्धार्थनगर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें लखनऊ के लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान 29 अगस्त को उनकी मौत हो गई। लखनऊ में ही पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव को सिद्धार्थनगर स्थित गांव लाया गया।
मामले में पुलिस ने घटना वाले दिन ही 26 जून मुकदमा दर्ज किया था। शिकायतकर्ता कलाम अहमद की तहरीर पर मतिबुल्लाह, जुबेर, क्यूम, इमरान, रियाज, महबूद, सफीउल्लाह, आरिफ, हाफू, तौफीक और रुकसाना खातून को नामजद किया गया था।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ एकजुट होकर रास्ता रोकने, लाठी-डंडों से मारपीट करने, चोट पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। मोहाना थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में पहले से 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। जमाल अहमद की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मुकदमे में धाराएं बढ़ाई जाएंगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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