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सोनीपत के फै़ज बाजार में इन दिनों गणपति भक्ति का अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। यहां 14 फीट के विशाल गणपति जी विराजमान हैं, जिन्हें देखने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस आयोजन की खासियत सिर्फ प्रतिमा का विशाल आकार ही नहीं, बल्कि इसे पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए तैयार कराया जाना भी है। गणपति की प्रतिमा चाक मिट्टी से बनाई गई है और इसमें ऑर्गेनिक रंगों का इस्तेमाल किया गया है। गणपति ग्रुप सोनीपत की ओर से आयोजित यह 11 दिवसीय उत्सव 14 सितंबर से शुरू हुआ है और 25 सितंबर को विसर्जन के साथ इसका समापन होगा। इन दिनों फै़ज बाजार धार्मिक आस्था, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र बना हुआ है। प्रतिदिन होने वाले कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से बुलाए गए कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। उत्सव का अंतिम दिन विशेष रूप से बड़ा होगा, जब गणपति जी को शोभायात्रा के साथ पश्चिमी यमुना नहर तक ले जाया जाएगा। लालबाग के राजा से प्रभावित होकर युवाओं ने रखी थी नींव आयोजक विपिन नंदा ने बताया कि सोनीपत में इस आयोजन की शुरुआत अचानक नहीं हुई थी। वर्ष 2018 में युवाओं की एक टोली महाराष्ट्र के प्रसिद्ध लालबाग के राजा के गणपति उत्सव और विसर्जन से प्रभावित हुई। इसी तर्ज पर उन्होंने फै़ज बाजार में गणपति स्थापना और विसर्जन की परंपरा शुरू की। समय के साथ यह आयोजन बड़ा होता गया और अब इसमें बड़ी संख्या में शहरवासी तथा श्रद्धालु भाग लेते हैं। आयोजकों के अनुसार, लगातार 9 वर्षों से गणपति विसर्जन की परंपरा निभाई जा रही है। सिकंदराबाद से खास ऑर्डर पर तैयार होती है प्रतिमा गणपति की प्रतिमा स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं कराई जाती। इसके लिए उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद के कारीगरों को विशेष ऑर्डर दिया जाता है। प्रतिमा का निर्माण करीब एक महीने पहले शुरू कराया जाता है, ताकि निर्धारित आकार और डिजाइन के अनुसार इसे तैयार किया जा सके। करीब 35 से 40 हजार रुपए की लागत से तैयार होने वाली इस प्रतिमा में चाक मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है। ऑर्गेनिक रंगों का इस्तेमाल, विसर्जन में पर्यावरण का ध्यान प्रतिमा को आकर्षक रूप देने के लिए सामान्य केमिकल रंगों के बजाय ऑर्गेनिक कलर का इस्तेमाल किया गया है। आयोजकों के अनुसार, निर्माण में ऐसी सामग्री का ध्यान रखा गया है जो विसर्जन के बाद पानी में घुल सके। इसी वजह से गणपति प्रतिमा को इको-फ्रेंडली स्वरूप दिया गया है। आयोजन समिति का कहना है कि विसर्जन के बाद प्रतिमा का कोई ठोस अंश शेष नहीं रहेगा। शहर में शोभायात्रा के बाद फै़ज बाजार में हुई स्थापना फै़ज बाजार में स्थापना से पहले गणपति जी को शहर के अलग-अलग हिस्सों से शोभायात्रा के रूप में आयोजन स्थल तक लाया गया। सिविल अस्पताल के पास भी प्रतिमा का भव्य स्वागत किया गया। विशाल प्रतिमा को स्थापित करने के लिए हाइड्रा क्रेन की मदद ली गई। स्थापना के दौरान डीजे पर गणेश वंदना हुई और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर गणेश जी का स्वागत किया। 51 किलो लड्डुओं का भोग, श्रद्धालुओं के लिए रोज भंडारा उत्सव के दौरान प्रतिदिन भगवान गणेश को 51 किलो लड्डुओं का भोग लगाया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए रोज भंडारे की व्यवस्था की गई है। आयोजन में भंडारे को भी अलग अंदाज दिया गया है। यहां पारंपरिक भोजन के अलावा फास्ट फूड के व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं। श्रद्धालुओं के लिए फास्ट फूड भंडारा भंडारे में श्रद्धालुओं को चाऊमीन, पाव भाजी, मैक्रोनी, गोलगप्पे और दही भल्ले समेत कई तरह के व्यंजन परोसे जा रहे हैं। आयोजन स्थल पर आने वाले लोग इस व्यवस्था को खासा पसंद कर रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक, धार्मिक आयोजन के बीच श्रद्धालुओं के लिए भोजन की ऐसी व्यवस्था करने का उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को उत्सव से जोड़ना है। 11 दिन तक भक्ति और संगीत का संगम गणपति उत्सव को केवल पूजा और दर्शन तक सीमित नहीं रखा गया है। पूरे 11 दिनों के लिए धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी योजना बनाई गई है। कार्यक्रम संचालक विपिन नंदा के अनुसार, प्रत्येक दिन श्रद्धालुओं के लिए अलग कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें भक्ति संगीत, कीर्तन और कलाकारों की प्रस्तुतियां शामिल हैं। देश के अलग-अलग शहरों से पहुंचेंगे कलाकार उत्सव में वृंदावन से पूनम साध्वी, बरेली से अंजली द्विवेदी, सुंदरकांड पाठ गायक पंकज कटारिया, राजीव शास्त्री, इंडियन आइडल फेम ऋतिक गुप्ता, लुधियाना से गुड्डू वाधवा तथा हरियाणवी कलाकार अमन राज गिल और अमन जाजी प्रस्तुति देंगे। अलग-अलग दिनों में होने वाले इन कार्यक्रमों के जरिए श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अनुभव मिलेगा। पंकज कटारिया अनोखे अंदाज में करेंगे हनुमान चालीसा पाठ सोनीपत के प्रसिद्ध सिंगर पंकज कटारिया उत्सव के दौरान विशेष रूप से हनुमान चालीसा पाठ कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, इसे सामान्य पाठ से अलग अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग दिन कलाकारों और गायकों की प्रस्तुतियों के माध्यम से कीर्तन और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। धार्मिक आयोजनों के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी खास तैयारी की गई है। उत्सव में डांडिया नाइट, लाइव बैंड और आकर्षक आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न दिनों में कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी, जिससे आयोजन स्थल पर लगातार उत्सवी माहौल बना रहेगा। निखिल मदान तक कई गणमान्य होंगे शामिल आयोजकों के अनुसार, गणपति उत्सव में सोनीपत विधायक निखिल मदान,दिल्ली के विधायक उमंग बजाज, निगम मेयर राजीव जैन, मोहन लाल बड़ौली और शशिकांत कौशिक समेत शहर के अनेक गणमान्य लोग भी शिरकत करेंगे। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों और शहर के प्रमुख लोगों की मौजूदगी भी रहेगी। 25 सितंबर को निकलेगी विसर्जन यात्रा उत्सव का समापन 25 सितंबर को किया जाएगा। इस दिन गणपति जी की विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें शहर के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। यात्रा के दौरान गणपति जी को पश्चिमी यमुना नहर तक ले जाया जाएगा, जहां विधिवत विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन के साथ पूरा होगा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प आयोजकों ने इस बार गणपति प्रतिमा के निर्माण से लेकर विसर्जन तक पर्यावरण को प्राथमिकता देने का दावा किया है। चाक मिट्टी और ऑर्गेनिक रंगों से तैयार प्रतिमा को पानी में प्रवाहित किए जाने के बाद उसके अवशेष नहीं रहने की बात कही गई है। इस तरह आयोजन समिति धार्मिक परंपरा को निभाने के साथ इको-फ्रेंडली विसर्जन का संदेश भी दे रही है। शहरवासियों को उत्सव में शामिल होने का न्योता गणपति ग्रुप सोनीपत ने शहरवासियों से उत्सव में पहुंचने और भगवान गणेश के दर्शन करने की अपील की है। आयोजकों के अनुसार, 25 सितंबर तक चलने वाले कार्यक्रमों में हर दिन अलग धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होगा। समिति का उद्देश्य गणपति उत्सव को शहर के लोगों की सामूहिक भागीदारी वाला आयोजन बनाना है।
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सोनीपत में 14 फीट के गणपति बने आकर्षण का केंद्र:चाक मिट्टी से तैयार इको-फ्रेंडली प्रतिमा; श्रद्धालुओं के लिए फास्ट फूड का भंडारा
