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हरदा में 7 किसान नेताओं समेत पर 100 पर केस:100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर किया था हाईवे जाम, 12 घंटे रहा चक्काजाम




हरदा में 15 जुलाई को इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर 12 घंटे तक चले किसान आंदोलन के मामले में पुलिस ने सात नामजद लोगों समेत 100 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह प्रदर्शन आम किसान यूनियन के आह्वान पर समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर किया गया था। किसानों ने हरियाली बाजार के सामने नेशनल हाईवे फोरलेन पर दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक चक्काजाम किया था। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। किसानों की मांग थी कि ग्रीष्मकालीन मूंग की पूरी खरीदी की जाए, फसल बीमा दिया जाए और खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था खत्म की जाए। पहले दिया था अल्टीमेटम आम किसान यूनियन मूंग खरीदी की 120 किलो प्रति एकड़ की सीमा का विरोध कर रही थी। यूनियन ने 30 जून को कलेक्टर को ज्ञापन देकर दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। मांगें पूरी नहीं होने पर 150 से अधिक गांवों में मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद 10 जुलाई को शहर की चारों प्रवेश सीमाओं पर सांकेतिक चक्काजाम कर पांच दिन की मोहलत दी गई थी। एनएचएआई की शिकायत पर दर्ज हुआ केस शासन की ओर से मांगें पूरी नहीं होने पर 15 जुलाई को बड़े स्तर पर चक्काजाम किया गया। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रोशनलाल भारती ने बताया कि एनएचएआई से मिले पत्र के आधार पर संजय खेरवा, राम इनानिया, बसंत सारन, अशोक गुर्जर, करण चौधरी, गणेश पटेल और केदार सिरोही सहित 100 अन्य लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 191(1) और 126(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। चक्काजाम के दौरान प्रशासन को यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग भी बनाने पड़े। किसान यूनियन ने एफआईआर पर जताई आपत्ति आम किसान यूनियन के राम इनानिया ने एफआईआर को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि किसानों के हक की लड़ाई लड़ने पर सरकार ने उन्हें “तमगा” दिया है। सरकार ने किसानों की मांगें पूरी नहीं कीं और अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।



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