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करनाल के घरौंडा की नई अनाज मंडी में धान खरीद को लेकर गुरुवार को किसान और खरीद एजेंसी के अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। कई दिन से धान की खरीद नहीं होने से परेशान किसान ने सभी के सामने जहरीला पदार्थ पीने की कोशिश की। जैसे ही किसान ने जहरीले पदार्थ की बोतल का ढक्कन खोला, आसपास खड़े किसानों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। उन्होंने उसके हाथ से बोतल छीनकर नीचे फेंक दी और रोक लिया। किसान का आरोप है कि धान में मॉश्चर सही होने के बावजूद हैफेड (हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति और विपणन संघ लिमिटेड) के अधिकारी बार-बार नई कमी निकालकर खरीद से मना कर रहे थे। हालांकि, हंगामे के बाद उसकी धान की ढेरी खरीद के लिए लिखी गई। अब जानिए पूरा मामला क्या है… आढ़ती बोले- किसानों को परेशान किया जा रहा मंडी के पूर्व प्रधान एवं आढ़ती विनोद जैन ने आरोप लगाया कि किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 17 मॉश्चर की मांग है, जबकि किसानों की धान में मॉश्चर 12 से 13 तक है। धान की सफाई के लिए बड़ और झरना भी लगा दिया गया, फिर भी इंस्पेक्टर इलेक्ट्रिक पंखा लगाने की बात कह रहा है। उन्होंने कहा कि किसान पंखा कहां से लेकर आएं। उनके अनुसार एजेंसी की अपनी मनमानी चल रही है और किसान परेशान हैं। हैफेड ने नियमों के अनुसार खरीद का दावा किया हैफेड के इंस्पेक्टर ने बताया कि सरकार के नियमों के अनुसार ही धान की खरीद की जा रही है। धान में 17 मॉश्चर होना चाहिए और सफाई भी जरूरी है। जिन ढेरियों में मॉश्चर सही था, उनकी खरीद की जा रही है। सचिव बोले- किसानों की समस्या का समाधान होगा मंडी मार्केट कमेटी के सचिव सुनील कुमार ने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार ही एजेंसियां धान खरीद रही हैं। जहां किसानों को परेशानी आ रही है, वहां उसका समाधान कराया जा रहा है। एजेंसी और किसानों के बीच सामंजस्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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हरियाणा- अनाज मंडी में किसान की जहर पीने की कोशिश:बोला- हैफेड अधिकारी बार-बार धान में कमी निकालते; मंडी में 7 दिन से पड़ी
