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हिमाचल प्रदेश के शिमला-सिरमौर जिले की बाउंड्री पर स्थित प्रसिद्ध चूड़धार मंदिर के लिए निकले चंडीगढ़ क्षेत्र के पांच श्रद्धालुओं में से दो जंगल में रास्ता भटकने के बाद लापता हो गए। दोनों का रात 11 बजे तक कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस और स्थानीय लोगों की टीम उनकी तलाश में चूड़धार के घने जंगल में रवाना हुई और श्रद्धालुओं की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार- पांचों श्रद्धालु रविवार शाम करीब चार बजे सराह से चूड़धार के लिए निकले थे। रास्ते में देवदार के घने जंगल के बीच सभी ट्रैक से भटक गए। इनमें दुष्यंत निवासी लालड़ू, जागरीत निवासी पंचकूला और जसप्रीत करीब दो घंटे बाद किसी तरह वापस ट्रैक पर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को अपने दो साथियों के लापता होने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार- साकेत निवासी मोहाली और राहुल निवासी बतराना अभी लापता है। दोनों से देर रात तक संपर्क नहीं हो पाया। उनके जंगल में फंसे होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अंधेरा होने से रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण सूचना मिलते ही सराह से पुलिस टीम और स्थानीय लोग चूड़धार के जंगल की ओर रवाना हुए। घना जंगल, दुर्गम पहाड़ी इलाका और अंधेरा होने के कारण रात में दोनों श्रद्धालुओं की तलाश करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पुलिस और स्थानीय लोगों की टीम जंगल में संभावित रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में उनकी तलाश कर रही है। घने जंगल में कई बार रास्ता भटकते हैं श्रद्धालु चूड़धार मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सात से आठ घंटे घने जंगल से होकर ट्रैकिंग करनी पड़ती है। जंगल में कई जगह रास्ते स्पष्ट नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं के भटकने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसलिए, प्रशासन यात्रियों को बिना स्थानीय गाइड के चूड़धार ट्रैक पर नहीं जाने की सलाह देते हैं। इससे पहले भी कई बार पर्यटक और श्रद्धालु जंगल में फंस चुके हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने पड़े हैं।
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हिमाचल में चंडीगढ़ के 5 श्रद्धालु लापता:तीन 2 घंटे बाद ट्रैक पर लौटे; 2 का सुराग नहीं, चूड़धार के जंगल में रास्ता भटके
