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हॉस्टल में मिली लाश की नहीं हो सकी पहचान:जांच के लिए FSL लैब दरभंगा भेजा गया, केमिकल डालकर चेहरा जला दिया था




समस्तीपुर कॉलेज के बंद पीजी हॉस्टल के किचन से मिली लाश की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। दो दिनों के इंतजार के बाद शुक्रवार शाम शव को फोरेंसिक लैब डीएमसीएच दरभंगा भेजा गया है। शव इतना गला हुआ था कि देखने से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि युवक को कैसे मारा गया है। चेहरे पर केमिकल डाला गया था, सिर्फ हड्‌डी बची हुई थी। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जितवारपुर की है। सदर हॉस्पिटल में नहीं हो सका पोस्टमार्टम थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजीत कुमार ने बताया कि शव डिकंपोज हो जाने के कारण सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम नहीं हो सका। जिसके बाद दरभंगा भेजा गया है। डीएनए को पिजर्व रखा गया है, ताकि शव को कोई दवा होने पर मिलान किया जा सके। थाने में मिसिंग रिपोर्ट नहीं पुलिस का मामना है कि जिस तरह सुनसान जगह पर शव रखा हुआ था। ऐसे में दो तरह की संभावना बन रही है। पहली संभावना स्मैक की लत लग रही है। ऐसे लोग सुनसान जगह का उपयोग करते हैं, जहां पर कम लोगों का आना जाना होता है। संभव है कि ओवर डोज के कारण मौत हुई है। जिसके बाद उसके सहयोगी मौके से फरार हो गए हों। शव करीब 15-20 दिन पुराना लग रहा है। मुफस्सिल समेत आसपास के थानों में अब तक कोई युवक के मिसिंग की रिपोर्टिेंग नहीं आई है। दूसरी संभावना है कि युवक बाहर का हो। वह अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा हो। इस दौरान किसी ने उसे पकड़ लिया। ऐसी स्थिति में उसकी हत्या किए जाने के बाद शव की पहचान को खत्म करने के लिए बॉडी पर केमिकल डाला गया हो। कई बिंदु पर पुलिस छानबीन कर रही है। छानबीन की जा रही है वहीं, इस संबंध में मुफस्सिल थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजीत कुमार ने बताया कि इस मामले में कॉलेज प्रशासन से लेकर हॉस्टल परिसर में बने हॉल के कमरे में रहने वाले लोगों से पूछताछ की गई है। फिलहाल कोई सुराग नहीं मिला है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। FSL रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
गर्मी की छूट्‌टी के कारण कॉलेज बंद था घटना वाले दिन प्रिंसिपिल डा. शशि रंजन कुमार शशि ने बताया था कि 15 मई के बाद गर्मी की छुट्‌टी के कारण कॉलेज बंद था। हॉस्टल कैंपस में एक भवन बना है, जिसमे कोई कार्यक्रम होने पर ही लोग आते हैं। जिस कारण इस ओर लोगों को आना-जाना नहीं रहत है। इस कैंपस में यह लाश कहां से आई यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। कॉलेज में सीसीटीवी लगा है, लेकिन उसमें 15 दिनों का ही रिकॉर्ड रहता है। अब तो पुलिस ही जांच के बाद कुछ बता सकती है।



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