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श्योपुर में जवाहर नवोदय विद्यालय में सोमवार को छात्रों ने जमकर हंगामा किया। हॉस्टल के 150 से अधिक छात्रों ने खुद को दूसरी मंजिल के एक हॉल में बंद कर लिया और केवल कलेक्टर से बात करने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस, तहसीलदार, एसडीएम और स्कूल प्रबंधन करीब आठ घंटे तक उन्हें मनाने का प्रयास करते रहे। रात करीब 10 बजे प्रशासनिक समझाइश के बाद छात्र बाहर आए और मामला शांत हुआ। विवाद की शुरुआत दो दिन पहले हॉस्टल में मोबाइल फोन मिलने के बाद हुई थी। इसके बाद शनिवार रात हॉस्टल में बिजली बंद होने और तोड़फोड़ की घटना सामने आई। स्कूल प्रबंधन ने 10-12 छात्रों को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की। इसके विरोध में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे छात्रों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। खिड़की से हुई बातचीत, लिखित आश्वासन पर अड़े छात्र छात्रों को समझाने के लिए तहसीलदार को सीढ़ी लगाकर दूसरी मंजिल की खिड़की तक पहुंचना पड़ा। कलेक्टर शीला दाहिमा के निर्देश पर पहुंचे अधिकारियों से छात्रों ने कहा कि अधिकारी चले जाएंगे तो स्कूल प्रबंधन उनके साथ मारपीट करेगा और निकाल देगा। छात्रों का कहना था, “पहले लिखित में भरोसा दिलाइए, फिर बात करेंगे।” भोजन और साफ-सफाई की घटिया व्यवस्था का आरोप चेहरा ढंककर बात कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में घटिया भोजन, साफ-सफाई और अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाने के कारण स्कूल प्रबंधन उनसे नाराज है। इसी वजह से असली दोषियों की पहचान किए बिना उन्हें जबरन फंसाया जा रहा है। प्राचार्य की गैरमौजूदगी पर सबसे ज्यादा नाराजगी छात्रों की सबसे बड़ी नाराजगी प्राचार्य को लेकर थी। उनका कहना था कि दिनभर टीआई, एसडीएम, एसडीओपी और तहसीलदार उनसे बात करने आए, लेकिन प्राचार्य एक बार भी नहीं आए। रात 9 बजे जब प्राचार्य एसडीएम के साथ पहुंचे, तब भी छात्रों ने कलेक्टर से बात करने की शर्त रखी। आखिरकार, रात 10 बजे प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्र कमरे से बाहर आए।
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150 छात्रों ने खुद को छात्रावास हॉल में बंद किया:कलेक्टर से बात की मांग पर 8 घंटे अड़े रहे, हॉस्टल में तोड़फोड़ की थी, कार्रवाई से बचने किया विरोध
