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2 सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ रही गंगा:बक्सर में रामरेखा, महादेवा घाट की दर्जनों सीढ़ियां डूबीं




बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रविवार को गंगा का जलस्तर 53.85 मीटर दर्ज किया गया। नदी का पानी लगभग दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा की पेटी पूरी तरह भर गई है और पानी अब घाटों की सीढ़ियों को डुबो रहा है। चौसा के महादेवा घाट की करीब आधा दर्जन सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं। इसी तरह, रामरेखा घाट और नाथ बाबा घाट की दर्जनों सीढ़ियां भी पानी में डूब गई हैं। तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी चरित्रवन स्थित मुक्तिधाम घाट पर भी नदी का पानी बढ़ने से अब शवों का दाह संस्कार निचले हिस्से की बजाय ऊपरी भाग में किया जा रहा है। बक्सर में गंगा नदी के लिए चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर और खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से लगभग साढ़े छह मीटर नीचे है। यदि इसी रफ्तार से जलस्तर बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में नदी चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच सकती है। जिला प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर रख रहा है। गंगा के साथ-साथ उसकी सहायक नदियों ठोरा और कर्मनाशा में भी पानी बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। इससे तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को भी अपनी सब्जियों और अन्य फसलों के डूबने का डर सता रहा है। गंगा के जलस्तर पर लगातार जिला प्रशासन की निगरानी बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बक्सर-कोइलवर तटबंध की 24 घंटे निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों और कर्मियों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए नावों की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रशासन के अनुसार, 100 से अधिक निजी और सरकारी नाविकों के साथ करार किया जा चुका है। बक्सर जिला प्रशासन गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उनके स्तर से मानव बल की तैनाती और लगातार आंकड़े लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह की समस्या उत्पन्न होती है तो जिला प्रशासन उससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। जरूरत पड़ने पर नावों और अन्य राहत संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।



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