श्रमिकों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई करने की मांग की थी
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में SECL छाल उपक्षेत्र के अंर्तगत ओबी व कोयला ठेका कंपनी एसकेए में काम करने वाले श्रमिकों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था। जिसमें उन्होंने बताया था कि मजदूरों का एचपीसी दर नहीं देकर प्रताड़ित करने के साथ ही कई तरह की समस्याएं झेल
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बुधवार को श्रमिकों ने अपना आवेदन तहसीलदार के नाम सौंपा था। जिसमें उन्होंने बताया था कि एसकेए कंपनी में सभी कार्यरत् श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित एचपीसी दर नहीं दिया जा रहा है।
श्रमिकों को अकाउण्ट पेमेंट नहीं किया जाता, कुछ श्रमिकों को अकाउण्ट पेमेंट किया जाता है बाकि को नगद भुगतान किया जाता है। यही नहीं श्रमिकों के भुगतान में भी कटौती किया जाता है।
साथ ही किसी भी श्रमिक को उनका पेमेंट स्लीप नहीं दिया जा रहा और मांगने पर गोल-मोल बात कर घुमाया जाता है। इसके अलावा किसी भी श्रमिकों को आज तक कभी बोनस की राशि नहीं दिया गया है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि जो श्रमिक अपने घर से आना-जाना करते हैं व कम्पनी में खाना नहीं खाते उनका भी खाना और रूम का पैसा 6 हजार प्रतिमाह काट लिया जाता है। श्रमिकों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया जा रहा है और उन्हें सुरक्षा किट भी नहीं दिया जाता है।

प्रशासनिक टीम के साथ श्रमिक व कंपनी प्रबंधन की बैठक में कई निर्देश दिए गए
नौकरी से निकालने की दी जाती है धमकी उन्होंने यह भी बताया कि श्रमिकों के द्वारा इन सब को लेकर कहा जाता है तो नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जाती है। ऐसे में श्रमिकों ने मामले में तत्काल उचित कार्रवाई करने की मांग की गई।
जिससे प्रशासन द्वारा श्रमिकों व कंपनी प्रबंधन के साथ एक त्रिपाक्षीय वार्ता रखी गई। जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों ने कपंनी प्रबंधन को समझाईश देते हुए श्रम कानून का पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही शांति व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।
कानून का उल्लंघन करने पर की जाएगी कार्रवाई लोमेश मिरी तहसीलदार छाल ने बताया कि एसकेए कंपनी के मजदूर और प्रबंधनो को बुलाया गया था। बैठक में प्रशासन की टीम और श्रम विभाग के अधिकारी भी थे।
सब की उपस्थिति में बात हुआ है। श्रम कानून का पूरी तरह से पालन करने कहा गया है। सभी मजदूरों को एकांउट में भुगतान किए जाने की बात कही गई है।
साथ ही किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाबत नहीं किया जाएगा। दोनों पक्षों को शांति व्यवस्था बनाए रखने कहा गया है। फिर भी कोई शांति व्यवस्था भंग करेगा और कानून का उल्लंघन करेगा तो उस कार्रवाई की जाएगी।
