![]()
शिव महोत्सव समिति की ओर से सोमवार सुबह 21वीं कावड़ यात्रा उदयपुर के गंगू कुंड से निकाली गई। इस कावड़ यात्रा में हजारों महिला-पुरुष शामिल हुए और 21 किलोमीटर का रास्ता तय कर उबेश्वर महादेव पहुंचे। रामपुरा से आगे धार क्षेत्र में स्थित उबेश्वर महादेव में कावड़ियों ने शिव का जलाभिषेक किया। जगह-जगह कावड़ यात्रियों का पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पानी और ज्यूस की व्यवस्था की गई। कावड़ियों ने गंगू कुंड से तांबे के कलशों में 5 पवित्र नदियों सहित 7 जगहों का जल भरा और उबेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। नदियों का पवित्र जल पहले से लाकर रखा हुआ था। 2005 में पड़े अकाल के बाद से शुरू हुई थी कावड़यात्रा आयोजकों ने बताय कि 2005 में पड़े भीषण अकाल के बाद कावड़ यात्रा की शुरूआत हुई। तब झीलें भी सूख गई थीं। इसके बाद अच्छी बारिश की कामना के लिए अगले ही साल यानी 2006 से यह कावड़ा यात्रा शुरू की गई। पहले साल नाग पंचमी के दिन इसकी शुरुआत हुई थी। सबसे पहले यात्रा में करीब 50 यात्री ही थे। आज 15 हजार से ज्यादा शिवभक्त जुड़ गए हैं। समिति संयोजक और एडवोकेट रामकृपा शर्मा ने बताया कि मेवाड़ में झीलें भरी रहे और सबके जीवन में सुख-शांति रहे। इसके साथ ही कावड़यात्रा की शुरुआत हुई थी। इसमें खासकर आसपास गांव के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। जब से यात्रा शुरु हुई, तब से झीलें सूखी नहीं हैं।
Source link
21 किमी पैदल चलकर 15 हजार भक्तों ने किया शिवाभिषेक:2005 के अकाल के बाद शुरू हुई यात्रा, 5 नदियों के पवित्र जल से किया महाभिषेक
