Headlines

5-साल की बच्ची से रेप,70 साल का बुजुर्ग निकला दोषी:कोर्ट ने बीस साल की सजा सुनाई ; लापरवाही पर सीओ और ASI पर होगी कार्रवाई




5 साल की बच्ची से रेप के मामले में अजमेर की पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 ने 70 साल के आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही पीड़िता को 6 लाख रुपए प्रतिकर राशि देने के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच और एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही सामने आने पर कोर्ट ने तत्कालीन सीओ और तत्कालीन आईसी थाना इंचार्ज एएसआई के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पति के दोस्त का पिता दोषी सरकारी वकील संजय तिवारी ने बताया कि पीड़िता की मां ने 30 जून 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार- महिला अपने पति के दोस्त के घर सामाजिक कार्यक्रम में गई थी। इस दौरान उसकी 5 साल की बच्ची को उसके पति के दोस्त के पिता के पास छोड़ा गया था। कार्यक्रम के बाद जब महिला आरोपी के घर पहुंची तो आरोपी बच्ची के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिला। इसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अभियोजन की ओर से मामले में 17 गवाहों के बयान करवाए गए और 45 दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट ने सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। आरोपी को 20 साल की हुई जेल कोर्ट ने आरोपी को रेप के मामले में 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं कराने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत 3 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई। कोर्ट ने पीड़िता को प्रतिकर के तौर पर 6 लाख रुपए देने के निर्देश दिए हैं। सैंपल लेने से एफएसएल भेजने तक में लापरवाही सरकारी वकील संजय तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने मामले की जांच में सामने आई कमियों को भी गंभीरता से लिया। तत्कालीन सीओ मामले के जांच अधिकारी थे। कोर्ट ने पाया कि पीड़िता और आरोपी के सैंपल एकत्र करने, उन्हें मालखाने में जमा कराने और एफएसएल भेजने की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही हुई। मोबाइल फोरेंसिक यूनिट ने बेडशीट जब्त करने के निर्देश भी दिए गए थे लेकिन जांच अधिकारी की ओर से इसे अपने कार्य का हिस्सा नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि यह उनका कार्य नहीं है। कोर्ट ने जांच में हुई इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। शाम को थाने पहुंचे, रात 12 बजे बाद दर्ज हुई FIR मामले में तत्कालीन थाना इंचार्ज एएसआई की ओर से एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी को भी कोर्ट ने गंभीर माना। अभियोजन के अनुसार घटना वाले दिन पीड़िता का परिवार शाम के समय रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंच गया था लेकिन एफआईआर रात 12 बजे के बाद दर्ज की गई। सुनवाई के दौरान एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी का संतोषजनक कारण सामने नहीं आया। कोर्ट ने पॉक्सो जैसे गंभीर मामले में रिपोर्ट दर्ज करने में हुई देरी को लापरवाही माना और एएसआई के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं। यह खबर भी पढ़ें…. अजमेर में रिटायर्ड रेलकर्मी ने बच्ची से किया रेप:* 5 साल की मासूम को अपने दोस्त के घर छोड़कर कार्यक्रम में गए थे माता-पिता



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *