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70 लाख बीमा के लिए पत्नी की हत्या…साजिश का खुलासा:जबलपुर में पति ने 2 माह में रची साजिश, चार बार रिक्रिएशन के बाद हत्या कराई




पाटन में गर्भवती कविता चौधरी की हत्या का 28 दिन बाद खुलासा होने के बाद पुलिस जांच में साजिश की पूरी कहानी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक कविता के पति प्रयास पांडे ने उसकी हत्या की साजिश करीब दो महीने पहले शुरू की थी। वारदात को एक्सीडेंट का रूप देने के लिए आरोपियों ने तीन से चार बार घटनास्थल पर जाकर सीन तय किया और हत्या की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की। इसके बाद 4 सितंबर की रात पांच लाख रुपए की सुपारी देकर कविता की हत्या करवा दी गई। पाटन थाना पुलिस ने मामले में धनीराम, रामजी और विक्रम अहिरवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या का मास्टरमाइंड प्रयास पांडे और उसका साथी मानसिंह अभी फरार हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। मजबूरी में शादी का दावा, फिर हत्या की साजिश पुलिस के अनुसार 2022 में प्रयास पांडे (27) की नरसिंहपुर निवासी कविता चौधरी (31) से मुलाकात हुई थी। दोनों में दोस्ती के बाद प्रेम संबंध हो गए। अलग समाज होने के कारण प्रयास के परिवार ने शादी का विरोध किया। इसके बाद प्रयास ने कविता से मंदिर में शादी कर ली और आमा हिनौता गांव में किराए के मकान में रहने लगा। कुछ समय बाद परिवार और समाज के लोगों को शादी की जानकारी लगी तो विवाद शुरू हो गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि परिवार के दबाव के बाद प्रयास ने कविता से छुटकारा पाने की योजना बनानी शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, उसे यह भी पता था कि कविता एलआईसी एजेंट थी और उसके नाम करीब 70 लाख रुपए की बीमा पॉलिसी थी। पहले दो युवकों से मांगी मदद, उन्होंने कर दिया इनकार पाटन में कोर्ट में स्टाम्प बेचने और नोटरी का काम करने वाला प्रयास कानून की पढ़ाई भी कर चुका है। पुलिस के मुताबिक, वह चाहता था कि हत्या में उसका नाम सामने न आए। अगस्त में उसने पाटन की शराब दुकान के पास दो युवकों से पत्नी की हत्या करने के लिए कहा और बदले में मुंहमांगी रकम देने की बात कही। दोनों युवकों ने काम करने से इनकार कर दिया। इस दौरान प्रयास का दोस्त मानसिंह भी मौजूद था। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद मानसिंह ने प्रयास की मुलाकात चौधरी मोहल्ले में रहने वाले धनीराम, रामजी और विक्रम अहिरवार से कराई। तीनों पैसे लेकर काम करने के लिए तैयार हो गए। पांच लाख में तय हुई हत्या की सुपारी पुलिस के अनुसार, प्रयास ने तीनों से कविता की हत्या के लिए पांच लाख रुपए में सौदा तय किया। वह पाटन में उनसे सीधे मुलाकात करने से बचता रहा, ताकि सीसीटीवी में उसकी मौजूदगी दर्ज न हो। पुलिस का कहना है कि उसने हत्यारों से मिलने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल भी नहीं किया। प्रयास ने अलग-अलग समय पर धनीराम, रामजी और विक्रम को कभी 20 हजार, कभी 10 हजार और कभी 30 हजार रुपए दिए। इस तरह करीब एक लाख रुपए एडवांस दिए गए। उन्हें शराब भी दी गई। तीन-चार बार मौके पर जाकर तैयार की स्क्रिप्ट पुलिस के मुताबिक, प्रयास चाहता था कि कविता की मौत किसी भी स्थिति में हत्या न लगे। इसके लिए आरोपियों के साथ तीन से चार बार घटनास्थल पर जाकर रिक्रिएशन किया गया। वारदात कैसे करनी है और घटना को एक्सीडेंट का रूप कैसे देना है, इसकी पूरी स्क्रिप्ट तैयार की गई। 11 महीने के एग्रीमेंट पर पिकअप किराए पर ली हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए बड़े वाहन की जरूरत थी। पुलिस के अनुसार, प्रयास ने इसके लिए आरोपियों को 20 हजार रुपए दिए। इसके बाद पाटन के पास के गांव में रहने वाले राज बंसल की पिकअप 11 महीने के एग्रीमेंट पर किराए पर ली गई। वाहन के लिए 20 हजार रुपए एडवांस दिए गए। कविता एलआईसी के काम से पाटन, जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में आती-जाती थी। पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर को प्रयास ने आरोपियों को कविता की लाल रंग की एक्टिवा का नंबर एमपी 20 जेडआर 4113 भी बताया था। फोन पर लेता रहा पत्नी की लोकेशन 4 सितंबर की रात करीब 8 बजे धनीराम, विक्रम और रामजी नुनसर पुलिस चौकी क्षेत्र में रानीताल के पास पुलिया पर पहुंचे। उन्होंने पिकअप सड़क किनारे खड़ी की और शराब पी। इधर प्रयास लगातार कविता से फोन पर बात कर उसकी लोकेशन लेता रहा। जैसे ही कविता रानीताल के पास पहुंची, प्रयास ने धनीराम को उसके आने की जानकारी दी। पहले एक्टिवा को मारी टक्कर, फिर चढ़ा दी पिकअप पुलिस के मुताबिक, रात करीब पौने नौ से 9 बजे के बीच कविता एक्टिवा से घर लौट रही थी। इसी दौरान विक्रम ने पीछे से उसकी एक्टिवा में टक्कर मारी। टक्कर लगने से कविता सड़क पर गिर गई। इसके बाद विक्रम और रामजी ने उसकी एक्टिवा को उठाकर सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद विक्रम ने कविता के सिर के ऊपर से पिकअप चढ़ा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद तीनों आरोपी उसी रात पिकअप को नहर में ले गए और उसे धोया। अगले दिन उन्होंने वाहन मालिक राज बंसल को यह कहते हुए पिकअप वापस कर दी कि काम नहीं चल रहा है, इसलिए गाड़ी वापस ले लो। पुलिस ने अज्ञात वाहन पर शुरू की थी जांच 4 सितंबर की रात घटना की सूचना मिलते ही पाटन थाना टीआई पूजा उपाध्याय और नुनसर पुलिस चौकी प्रभारी राजेश धुर्वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर सीसीटीवी नहीं था। पुलिस ने धारा 194 बीएनएस के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू की। कविता की मौत की जानकारी मिलते ही प्रयास भी घटनास्थल पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, वह शव से लिपटकर रोने लगा। अगले दिन 5 सितंबर को पोस्टमार्टम और पंचनामा कार्रवाई के दौरान भी वह पुलिस के साथ मौजूद रहा। पोस्टमार्टम के बाद कविता का अंतिम संस्कार भी उसी ने किया। मुखबिर की सूचना से एक्सीडेंट की कहानी पर शक पुलिस कविता की मौत को हादसा मानकर जांच कर रही थी। इसी दौरान टीआई पूजा उपाध्याय और नुनसर चौकी प्रभारी राजेश धुर्वे को मुखबिर से जानकारी मिली कि कुछ दिन पहले प्रयास शराब दुकान पर कुछ युवकों से पत्नी की हत्या की बात कर रहा था। युवकों ने काम करने से इनकार कर दिया था। टीआई ने यह जानकारी एसपी संपत उपाध्याय और एएसपी सूर्यकांत शर्मा को दी। इसके बाद शुक्रवार दोपहर पुलिस ने पाटन निवासी विक्रम, रामजी और धनीराम को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तीनों ने कविता की मौत एक्सीडेंट नहीं बल्कि हत्या होने की जानकारी दी। बीमा की रकम मिलने पर पांच लाख देने का वादा पुलिस के मुताबिक, धनीराम ने पूछताछ में बताया कि प्रयास का कहना था कि उसने कविता से मजबूरी में शादी की थी। उसका आरोप था कि कविता शादी नहीं करने पर उसे रेप के केस में फंसाने की धमकी देती थी। पुलिस के अनुसार, इसी वजह से प्रयास ने कविता से छुटकारा पाने और उसकी मौत को एक्सीडेंट का रूप देने की योजना बनाई। विक्रम ने पुलिस को बताया कि प्रयास ने वादा किया था कि बीमा की रकम मिलने के बाद वह पांच लाख रुपए देगा। वह एक लाख रुपए एडवांस दे चुका था। मास्टरमाइंड और साथी की तलाश जारी एसडीओपी आशुतोष द्विवेदी के मुताबिक, मामले में धनीराम, रामजी और विक्रम अहिरवार को गिरफ्तार किया गया है। प्रयास पांडे और मानसिंह अभी फरार हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। उनकी गिरफ्तारी के बाद मामले में और अहम जानकारी सामने आने की संभावना है।



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