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मिर्जापुर की 63वीं जिलाधिकारी रहीं आईएएस दिव्या मित्तल का कार्यकाल महज 349 दिन का रहा। उन्होंने 19 सितंबर 2022 को जिलाधिकारी का कार्यभार संभाला और 2 सितंबर 2023 को उनका स्थानांतरण हो गया। करीब 11 महीने 14 दिन के कार्यकाल में अलग कार्यशैली और फैसलों के चलते वह जिले में चर्चा में रहीं। दिव्या मित्तल के कार्यकाल में हलिया विकासखंड के लहुरिया दह गांव में पेयजल आपूर्ति शुरू कराना प्रमुख कार्यों में रहा। जलापूर्ति शुरू कराने के लिए किसी नेता को बुलाकर पूजन या फीता काटने की औपचारिकता नहीं की गई। बिना राजनीतिक तामझाम के योजना शुरू कराने की यह कार्यशैली चर्चा में रही। हालांकि, जलापूर्ति शुरू होने के बाद राजनीतिक स्तर पर मतभेद की चर्चा भी सामने आई। आरोप लगाया गया कि कुछ स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त कर दी गई, जिससे योजना की जलापूर्ति प्रभावित हुई। कभी लो-वोल्टेज तो कभी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को नियमित पेयजल नहीं मिल सका। इससे जिस योजना से ग्रामीणों को राहत की उम्मीद थी, उसकी व्यवस्था बार-बार बाधित होती रही। कजली वाद्य यंत्रों से सजाया गया था पार्क दिव्या मित्तल के कार्यकाल में नगर के बरौधा स्थित पं. रामचंद्र शुक्ल पार्क को कजली विधा से जुड़े वाद्य यंत्रों की स्थापना कर सजाया गया। इसके लोकार्पण की तैयारी भी थी, लेकिन स्थानांतरण के कारण दिव्या मित्तल इसका लोकार्पण नहीं कर सकीं। विंध्याचल धाम में प्रियंका निरंजन ने संभाला था कार्यभार 2 सितंबर 2023 को दिव्या मित्तल के स्थानांतरण के बाद प्रियंका निरंजन ने मिर्जापुर पहुंचकर जिलाधिकारी का कार्यभार संभाला। उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय के बजाय विंध्याचल धाम पहुंचकर दायित्व ग्रहण किया। इसे जिले के प्रशासनिक इतिहास में असामान्य अवसर के तौर पर बताया गया। कार्यशैली से लेकर राजनीति में आने तक चर्चा दिव्या मित्तल का कार्यकाल भले ही 349 दिनों का रहा, लेकिन इस दौरान उनकी कार्यशैली और योजनाओं को बिना तामझाम जमीन पर उतारने की पहल चर्चा में रही। प्रशासनिक सेवा से त्यागपत्र देने और राजनीति में आने की घोषणा के बाद भी उनका नाम चर्चा में रहा।
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मिर्जापुर में 349 दिन रहा दिव्या मित्तल का कार्यकाल:बिना तामझाम योजनाओं की शुरुआत से लेकर सियासी चर्चा तक; लहुरिया दह की जलापूर्ति-कजली पार्क रहे सुर्खियों में
