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रायपुर के संजय नगर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। बैटरी कारोबारी साजिद अली, उसकी पत्नी, बेटा और दो बेटियों के शव शुक्रवार रात घर के भीतर मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। शनिवार शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए। देर रात करीब 9 बजे परिवार के पांचों सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को खाने में जहर दे दिया। खुद भी फांसी लगा ली। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वारदात से पहले साजिद अली ने गुरुवार रात करीब 12:30 बजे अपने बेटे इरशाद को फोन कर तुरंत घर आने के लिए कहा था। बताया जा रहा है कि उसने बेटे को डांटते हुए वापस बुलाया और घर आने के बाद परिवार के साथ मिठाई भी खिलाई गई। इसके बाद साजिद के अलावा परिवार का कोई भी सदस्य घर से बाहर नहीं निकला। शुक्रवार सुबह 9 बजे कमरे के बाहर आया था साजिद पुलिस के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे साजिद कुछ मिनट के लिए घर से बाहर निकलता सीसीटीवी और स्थानीय लोगों की नजर में आया। वह वॉशरूम जाने के बाद दोबारा घर के भीतर चला गया और फिर बाहर नहीं निकला। पुलिस का शुरुआती अनुमान है कि रात में परिवार के चार सदस्यों को जहर देने के बाद उसने शुक्रवार सुबह खुद भी आत्महत्या कर ली। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह फोरेंसिक और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिवार की दिनचर्या थी सामान्य जांच में सामने आया कि गुरुवार दोपहर साजिद की पत्नी राबिया बानो मोहल्ले के एक दर्जी के यहां कपड़ों का नाप देने गई थीं। उन्होंने रविवार तक कपड़े तैयार करने के लिए कहा था, क्योंकि परिवार को किसी कार्यक्रम में शामिल होना था। वहीं दोनों बेटियां भी शाम को किरायेदार के घर गई थीं और बाद में वापस लौट आई थीं। पुलिस का कहना है कि परिवार के बाकी सदस्यों के व्यवहार में किसी तरह की असामान्यता नहीं दिखी। केवल साजिद पिछले कुछ समय से तनाव में था। नशे की लत और आर्थिक तंगी की जांच पुलिस के अनुसार 50 वर्षीय साजिद अली मौदहापारा में बैटरी रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। पहले वह ठेला लगाता था, बाद में बैटरी के काम से जुड़ा और अपनी दुकान शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह नशे का आदी था और पिछले कुछ महीनों से मानसिक तनाव में रह रहा था। परिवार के लोगों पर गुस्सा करना भी बढ़ गया था। जांच में यह भी पता चला कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से अपने भाइयों और बहनों से अलग-थलग रह रहा था। भिलाई स्थित ससुराल पक्ष से भी उसका संपर्क बेहद कम था। पुलिस को जानकारी मिली है कि कुछ लोग उससे उधार का पैसा मांगने घर आते थे। ऐसे में आर्थिक तंगी और कर्ज की स्थिति भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं उसका पैसा किसी ऑनलाइन गतिविधि, निवेश या अन्य विवाद में तो नहीं फंसा था, जिसकी वजह से वह मानसिक दबाव में था। घटना वाली रात घर में बना आलू की सब्जी और चावल घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को घर से फिनाइल का एक डिब्बा मिला है, लेकिन कोई कीटनाशक या अन्य जहरीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ। घटना वाली रात घर में आलू की सब्जी और चावल बने थे। वहीं साजिद बाजार से रसगुल्ले और पेड़ा लेकर आया था। पुलिस को आशंका है कि इन्हीं मिठाइयों में जहरीला पदार्थ मिलाया गया हो। फिलहाल भोजन, मिठाई और विसरा के नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट का इंतजार अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा ने बताया, कि पीएम रिपोर्ट के बाद परिजनों को शव सुपुर्द कर दिया गया है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस सभी पहलुओं आर्थिक संकट, मानसिक तनाव, नशे की लत और पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
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रायपुर मर्डर-सुसाइड केस…जहर मिली मिठाई खाने से हुई चार मौतें!:बेटे को कॉल करके घर बुलाया था कारोबारी ने, शुक्रवार की सुबह पांच मिनट के लिए कमरे के बाहर निकला था साजिद
