प्रथम चौधरी | गाजियाबाद6 मिनट पहले
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गाजियाबाद में सावन की कांवड़ यात्रा के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। लाखों कांवड़ियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, यातायात और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
यात्रा के लिए जिले को 11 जोन, 24 सेक्टर और 108 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे, जो व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। जिले में लगभग 300 कांवड़ शिविर स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 205 से अधिक कांवड़ संघ भाग लेंगे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी समन्वय स्थापित करने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कांवड़ मार्ग पर 24 से अधिक मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए 65 एंबुलेंस तैनात रहेंगी और सरकारी अस्पतालों में 250 से अधिक बेड आरक्षित रखे गए हैं। मुरादनगर गंग नहर के घाटों पर बैरिकेडिंग का कार्य जारी है, जहां जल पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी।
बिजली विभाग ने कांवड़ मार्ग पर लगभग 90 हजार बिजली के खंभों को सुरक्षित करने का कार्य शुरू कर दिया है। करंट लगने जैसी घटनाओं से बचने के लिए ट्रांसफार्मरों को भी ढका जा रहा है। सभी संबंधित विभागों को 25 जुलाई तक कांवड़ मार्ग की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे केवल डाक कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा।
कांवड़ मार्ग पर नॉनवेज की दुकानें बंद रहेंगी, जबकि 170 शराब की दुकानों को पर्दों से ढका जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग की 14 टीमें ढाबों और रेस्तरां की नियमित जांच करेंगी। निगरानी के लिए मेरठ रोड पर एक आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, छह अन्य कंट्रोल रूम और पुलिस लाइन स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने डीजे संचालकों को निर्धारित मानकों का पालन करने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

