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नमस्कार, पूर्व CM अशोक गहलोत ने महागठबंधन की बात की, अगले ही पल ‘आप’ को पागल कह दिया। जोधपुर की खुली जेल में कैद दूल्हा-दुल्हन की शादी हुई और कोटा में डेंगू से बचने के लिए पानी में खास मछलियां छोड़ी जा रही हैं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. तुम क्या हमें हवा खिलाओगे? उनका नाम अशोक गहलोत है। उन्हें राजस्थान का गांधी यूं ही नहीं कहते। दिल्ली के प्रोटेस्ट का पौधा वे राजस्थान ले आए। भाजपा ने उस पर पानी फेरने का भरपूर प्रयास किया। इस दौरान पूर्व मुखियाजी और चीफ साहब ने गिरफ्तारी दे दी। बस में गहलोत के प्रति पुलिसवाले ड्राइवर की श्रद्धा जागी। उसने दिग्गज राजनीतिज्ञ से पूछ लिया- हवा खाओगे? भैया, सबको पता है कि गिरफ्तार होने के बाद आदमी जेल की ही हवा खाता है। गहलोत जी ने ड्राइवर को इशारा किया- अपने पंखे की हवा अपनी जेब में रखो। हमें खुद की हवा बनानी आती है। हां, ये अलग बात है कि कांग्रेस अपने दम पर दिल्ली में कुछ खास कर नहीं पा रही है। इसका मलाल है। इसलिए गहलोत साहब ने राहुल गांधी के नेतृत्व में सभी दलों से एक हो जाने का आह्वान किया। पत्रकार ने आम आदमी पार्टी को लेकर सवाल पूछा तो बोले-मैं उनको इतना पागल नहीं समझता था। थोड़े पागल तो थे वो। इसी के साथ विपक्षी एकता की हवा निकल गई। 2. जेल में एक-दूजे के हुए मर्डर के दोषी 1995 में समीर नामक गीतकार ने फिल्म राजा में गीत लिखा। बोल थे- नजरें मिलीं दिल धड़का मेरी धड़कन ने कहा-लव यू राजा। ये अलग बात है कि राजा अब विवाह से डरने लगे हैं। पता चला कि सगाई या शादी के बाद घूमने-फिरने के बहाने रानी ने उन्हें ठेल दिया। शादी करके जेल जाने की खबरों के बीच जोधपुर की मंडोर खुली जेल से अनोखी खबर आई। पड़ोसी का मर्डर करने वाले मूलाराम और पति का मर्डर करने वाली सीमा के बीच वही हुआ जो समीर नामक गीतकार ने फिल्म राजा में लिखा था। खुली जेल में दोनों खेती के काम में लगे थे। इस दौरान नजरें मिलीं, दिल धड़का। लोग शादी करके जेल जा रहे हैं। ये दोनों जेल जाकर शादी करना चाहते थे। बात वकील तक पहुंची। वकील जज तक पहुंचा। जज कानून की किताबों तक पहुंचा और गांधीजी का वह प्रसिद्ध वाक्य निकालकर लाया। जिसमें उन्होंने कहा था- अपराध से घृणा करो, अपराधी से नहीं। वकील ने इस बात की व्याख्या इस तरह की- मूलाराम और सीमा को मुख्यधारा में लौटने का अधिकार है। कोर्ट ने दोनों की मैरिज पर मुहर लगाई और खुली जेल में मंडप सजा। तोरण लगा। डीजे पर डांस हुआ। पंडित बुलाया गया और मंगलगान के साथ वरमाला और पाणिग्रहण हो गया। 3. चलते-चलते… कोटा चंबल के किनारे है। बारिश का सीजन चल रहा है। पिछले कुछ बरसों से देखा जा रहा है कि बारिश के सीजन में शहर में डेंगू फैलता है। इस बार भी 50 केस तो सामने आ चुके। प्रशासन भी निपटने के लिए तैयार है। मच्छर डाल-डाल हैं तो प्रशासन भी पात-पात है। मच्छर पानी पर अपना लार्वा छोड़ता है। प्रशासन ने इसी लार्वा को टारगेट करते हुए लार्वा की दुश्मन नंबर 1 मछली गंबूसिया का इस्तेमाल किया। जहां पानी भरा दिख रहा है वहीं गंबूसिया छोड़ी जा रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि मछली के भरोसे डेंगू की जंग जीत ली जाएगी। कोटा के ही सोगरिया रेलवे स्टेशन परिसर दो युवक गुजर रहे थे। अचानक उनकी नजर सड़क पर तेजी से चलते मगरमच्छ पर पड़ी। लोगों में चर्चा हो गई- भैया मछली का तो समझ आता है, लेकिन ये मगरमच्छ किसके लिए छोड़ रखा है? इनपुट सहयोग- जयदीप पुरोहित (जोधपुर), स्मित पालीवाल (जयपुर), नितिन शर्मा (कोटा), शक्ति सिंह (कोटा)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
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जेल में कैदी दूल्हा-दुल्हन की 'शादी मुबारक':गहलोत बोले-'AAP' इतने पागल; सड़क पर मगरमच्छ क्यों छोड़ा?
