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Kejriwal Slams PM Modi Over NEET Paper Leak CBI Closure Report Controversy



नीट पेपर लीक मामले GEN’Z छात्रों के प्रदर्शन के बीच बीती रात को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देर रात को 12 बजे एक वीडियो जारी कर कहा कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी।

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पीएम ने बताया कि कैबिनेट में इससे जुड़े मसौदे पर आज चर्चा होगी और सख्त फैसले लिए जाएंगे। मंजूरी मिलने के बाद इसे अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा। साथ ही इसे जल्द पास कराने की कोशिश होगी।

पीएम के इस बयान पर विरोधी पार्टियों द्वारा हमला करना शुरू कर दिया गया है। वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर सीधा और तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री द्वारा पेपर लीक के मामलों के लिए ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ बनाए जाने के आश्वासन को “खोखला और झूठा” करार दिया है।

केजरीवाल ने 2024 के नीट (NEET) पेपर लीक मामले का हवाला देते हुए सरकार की नीयत और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

कुछ घंटों में ही खुल गई सरकार के दावों की पोल

केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे देश को भरोसा दिलाया था कि पेपर लीक मामलों के निपटारे के लिए सोमवार को संसद में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का कानून लाया जाएगा। हालांकि, केजरीवाल के मुताबिक, इस आश्वासन का सच कुछ ही घंटों में देश के सामने आ गया।

उन्होंने कहा कि कल ही यह साबित हो गया कि प्रधानमंत्री का आश्वासन कितना खोखला है। एक तरफ पीएम फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ खबर आती है कि सीबीआई ने नीट पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड को क्लीन चिट दे दी है।

सीबीआई की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल

2024 के नीट पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए आप सुप्रीमो ने कहा सरकार ने 2024 में ‘संजीव मुखिया’ नाम के व्यक्ति को नीट पेपर लीक का मास्टरमाइंड बताकर बड़े तामझाम के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के महज तीन महीने के भीतर उसे जमानत मिल गई और वह जेल से बाहर आ गया।

केजरीवाल ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि सीबीआई ने अदालत में कहा है कि संजीव मुखिया के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं और वह निर्दोष है।

उन्होंने कहा कि अगर सीबीआई के मुताबिक संजीव मुखिया मास्टरमाइंड नहीं है, तो फिर 2024 का नीट पेपर किसने लीक कराया? सीबीआई ने किसी नए मास्टरमाइंड का नाम तक नहीं बताया। इसका सीधा मतलब तो यह हुआ कि सरकार की नजर में पेपर लीक हुआ ही नहीं!

सबूत ही पेश नहीं करेंगे तो फास्ट ट्रैक कोर्ट का क्या मतलब?

केजरीवाल ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जांच एजेंसियां ही आरोपियों को बचाने में लगी हैं, तो नई अदालतों से युवाओं को कोई राहत नहीं मिलने वाली।

उन्होंने कहा कि देश में पहले से ही पॉक्सो (POCSO) और रेप केस जैसी गंभीर धाराओं के लिए कई फास्ट ट्रैक कोर्ट बने हुए हैं, लेकिन वहां भी मामलों को सुलझने में सालों-साल लग जाते हैं।

केजरीवाल ने आगे कहा कि अगर आपकी सीबीआई कोर्ट में सबूत ही पेश नहीं करेगी, आरोपियों को बेल दिलवाएगी और जांच सही से नहीं करेगी, तो इन फास्ट ट्रैक कोर्ट्स की क्या अहमियत रह जाती है? प्रधानमंत्री जी, आपकी नीयत में खोट है और आप पेपर लीक माफिया को बचाना चाहते हैं।

युवाओं के भविष्य और भविष्य की परीक्षाओं पर चिंता

केजरीवाल ने देश के लाखों छात्रों के दर्द को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की वजह से देश का युवा मानसिक तनाव से गुजर रहा है और कई बच्चों ने हताशा में आत्महत्या तक कर ली है।

केजरीवाल ने सरकार से तीखा सवाल किया कि अगले साल नीट का पेपर दोबारा लीक न हो, इसके लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास भविष्य में पेपर लीक रोकने की कोई ठोस योजना नहीं है और सिर्फ कागजी वादों और फास्ट ट्रैक कोर्ट के नाम पर देश के युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।



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