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लखीसराय में रविवार को विभिन्न विपक्षी राजनीतिक दलों ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान 25 जुलाई को हुए छात्र-युवा प्रतिरोध मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, निर्दोष छात्र-युवाओं को गिरफ्तार किया और आंदोलनकारियों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए। सभी दलों ने एक स्वर में गिरफ्तार लोगों की तत्काल रिहाई और दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की। सीपीआई के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता रवि विलोचन वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर छात्र नेताओं और सरकार के बीच आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद, लखीसराय प्रशासन ने छात्र पीयूष कुमार और राजद युवा जिलाध्यक्ष विनय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया। सीपीआई जिला सचिव हरखित यादव ने प्रशासन पर तथ्यों को उलटने का आरोप लगाया, जबकि जिला सचिव शंकर राम ने पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लाठीचार्ज को शर्मनाक बताया। छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की भाकपा माले के जिला सचिव चंद्रदेव यादव ने चेतावनी दी कि यदि मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन और तेज होगा। राजद जिलाध्यक्ष भगवान यादव और कांग्रेस नेताओं प्रो. सुनील राम तथा पंकज वर्मा ने भी छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की। डीवाईएफआई जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा ने दावा किया कि प्रतिरोध मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण था। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद भी छात्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया। 13 नामजद और 100 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज बाद में छात्र पीयूष कुमार, विनय कुमार साहू सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर 13 नामजद और लगभग 100 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि पुतला दहन कार्यक्रम रोकने के लिए पुलिस द्वारा धमकी दी गई। प्रेस वार्ता में नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन राजनीतिक दबाव में कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार लोगों को शीघ्र रिहा कर फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो बिहार सहित देशभर में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा और पुलिस अधीक्षक का पुतला दहन भी होगा।
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विपक्षी दल बोले- 'फर्जी मुकदमे वापस ले सरकार':लखीसराय में छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई की निंदा
