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बीकानेर का युवक पाकिस्तान पहुंचा रहा था भारतीय सिम:शहजाद भट्‌टी गैंग के गुर्गे को ओटीपी देकर एक्टिव करवाई; ATS इनपुट पर गिरफ्तार




बीकानेर पुलिस ने पाकिस्तान के शहजाद भट्टी गैंग से जुड़े एक मामले में बज्जू थाना क्षेत्र के गौड़ू गांव निवासी युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भारतीय मोबाइल सिम पाकिस्तान तक पहुंचाने और उसे एक्टिव कराने के लिए ओटीपी उपलब्ध कराने का आरोप है। सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के बाद जयपुर एटीएस ने बीकानेर पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया। भारतीय सिम एक्टिव कराने के लिए ओटीपी दिया, सिम पाकिस्तान में चली
बज्जू थाना प्रभारी चंद्रवीर सिंह ने बताया – जांच में सामने आया है कि गौड़ू गांव निवासी अनिल कुमार विश्नोई ने 17 जुलाई को एक भारतीय मोबाइल सिम एक्टिव कराने के लिए ओटीपी उपलब्ध कराया था। इसके बाद वही सिम पाकिस्तान में इस्तेमाल की जाने लगी। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पाकिस्तान के शहजाद भट्टी गैंग के सदस्य ने किया था संपर्क
थाना प्रभारी चंद्रवीर सिंह के अनुसार पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी गैंग के सदस्य उज्जेर ने अनिल से संपर्क किया और उसे अपनी बातों में फंसाकर भारतीय सिम हासिल कर ली। सिम चालू करने के लिए जरूरी ओटीपी भी अनिल ने उपलब्ध करा दिया। पुलिस का कहना है कि इस सिम का पाकिस्तान में किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल की आशंका है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शहजाद भट्टी गैंग के संबंध आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संगठनों से बताए जाते हैं। इसी वजह से आरोपी के इस कृत्य को राष्ट्रविरोधी गतिविधि मानते हुए कार्रवाई की गई। एटीएस के इनपुट पर पुलिस ने आरोपी को दबोचा
चंद्रवीर सिंह ने बताया कि जयपुर एटीएस से इनपुट मिलने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के नेतृत्व में कार्रवाई की योजना बनाई गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) और कोलायत वृत्ताधिकारी के सुपरविजन में बज्जू थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गौड़ू गांव निवासी अनिल कुमार विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। अब पता लगाया जा रहा, पहले भी भेजी थी सिम या जानकारी
थाना प्रभारी चंद्रवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच की जा रही है कि उसने इससे पहले भी पाकिस्तान में किसी को भारतीय सिम, ओटीपी या अन्य कोई जानकारी उपलब्ध कराई थी या नहीं। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध कॉल और गतिविधियों पर लगातार नजर रखती हैं और मामले के हर पहलू की जांच जारी है।



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