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संसद के मानसून सत्र में बुधवार को एक बार फिर लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जोरदार हंगामा देखने को मिला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी टकराहट पैदा कर दी। राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन चलाने का आदेश देने का आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने अपने भाषण के दौरान ‘विद्यार्थी, इडियट और अंधभक्त’ शब्दों का इस्तेमाल किया, जिस पर सत्ता पक्ष के सांसद लगातार टोकते रहे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे, जबकि राहुल ने सदन में आरोप लगाया कि उनका माइक बंद कर दिया गया। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। प्रश्नकाल के दौरान ही विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करने लगे। लगातार हंगामे के कारण अध्यक्ष को कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। पीठासीन सदस्य एनके प्रेमचंद्रन ने सदस्यों से सदन के पटल पर दस्तावेज रखने की प्रक्रिया पूरी कराई, लेकिन विपक्षी सांसद ‘गृहमंत्री सदन में आओ’ के नारे लगाते रहे। हंगामा थमने के बजाय और तेज होता गया। करीब 12 बजकर 6 मिनट पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सदन की कार्यवाही संभालने के लिए आसन पर पहुंचे। लगातार हो रही नारेबाजी पर उन्होंने नाराजगी जताई और सदन को चलने देने की अपील की। इसके बाद सदन में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हुई। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने विधेयक पर अपनी बात रखी और परीक्षा प्रणाली तथा नकल रोकने के उपायों को लेकर सरकार से सवाल किए। करीब 12 बजकर 59 मिनट पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चर्चा में हिस्सा लेने के लिए खड़े हुए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और खासकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तीखे हमले किए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पैलेट गन चलाने का आदेश अमित शाह ने दिया था। उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए ‘विद्यार्थी, इडियट और अंधभक्त’ टिप्पणी भी की, जिस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। राहुल गांधी के आरोपों के बाद सदन का माहौल और गरमा गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू तत्काल खड़े हुए और कहा कि नेता प्रतिपक्ष बेहद गंभीर आरोप लगा रहे हैं, इसलिए उन्हें सदन में इसका प्रमाण देना चाहिए। सत्ता पक्ष के सांसद भी राहुल गांधी के बयान का विरोध करते हुए बार-बार उन्हें टोकते रहे। इसी दौरान राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि उनका माइक बंद कर दिया गया है और उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा। इस मुद्दे पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। लगातार बढ़ते शोर-शराबे और हंगामे के बीच अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर बाद जब सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदर्शन के दौरान गोली चलाने का आदेश कोई मंत्री नहीं देता, बल्कि कानून के अनुसार यह अधिकार कार्यपालक मजिस्ट्रेट के पास होता है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को गैरजिम्मेदाराना और तथ्यों से परे बताया। इस दौरान विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे, लेकिन हंगामे के बीच ही लोकसभा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। राज्यसभा में भी हंगामा उधर राज्यसभा की कार्यवाही भी सुबह 11 बजे शुरू हुई। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदस्यों से आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखने को कहा। इसके बाद प्रश्नकाल शुरू हुआ, लेकिन विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोपहर बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा हुई। बहस के दौरान बिहार से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद प्रोफेसर मनोज झा ने सरकार की नीतियों और विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर अपनी बात रखी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर भी तीखी बहस देखने को मिली। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…
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राहुल के 'इडियट, अंधभक्त' बयान पर हंगामा:'पैलेट गन' आरोप पर सरकार बोली- गोली मंत्री नहीं, मजिस्ट्रेट चलवाता है; ‘एंटी पेपर लीक बिल’ पास
