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MLA रामकुमार टोप्पो को जाति प्रमाण पत्र मामले में राहत:रायगढ़ की सत्यापन समिति ने खारिज की आपत्ति,हाईकोर्ट के निर्देश पर ढाई साल बाद निर्णय




सरगुजा के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामकुमार टोप्पो को जाति प्रमाणपत्र मामले में राहत मिली है। उनके जाति प्रमाणपत्र की जांच रायगढ़ जिला स्तरीय प्रमाणपत्र सत्यापन समिति कर रही थी। हाईकोर्ट बिलासपुर के निर्देश के बाद करीब ढाई साल बाद समिति ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया है। समिति ने अपने फैसले में कहा कि रामकुमार टोप्पो का जाति प्रमाणपत्र ग्राम पंचायत जामबहार, रायगढ़ की ग्रामसभा के प्रस्ताव के आधार पर जारी किया गया है। समिति के पास ग्रामसभा के इस प्रस्ताव को रद्द करने का अधिकार नहीं है। समिति ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता विधायक के जाति प्रमाणपत्र को फर्जी साबित नहीं कर पाया। हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई जांच जानकारी के अनुसार, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाणपत्र को नियमों के अनुसार नहीं होने का आरोप लगाते हुए सीतापुर निवासी बिहारी लाल तिर्की ने वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए इसे रायगढ़ की जिला स्तरीय छानबीन समिति के पास भेज दिया था। रामकुमार टोप्पो का जाति प्रमाणपत्र 19 सितंबर 2023 को रायगढ़ से जारी हुआ था। हाईकोर्ट के निर्देश पर पूरी हुई सुनवाई शिकायत का लंबे समय तक निराकरण नहीं होने पर शिकायतकर्ता बिहारी लाल टोप्पो ने हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अप्रैल 2026 में जिला समिति को 90 दिनों के भीतर इस मामले का फैसला करने के निर्देश दिए थे। मामले की सुनवाई के बाद रायगढ़ जिला स्तरीय प्रमाणपत्र छानबीन समिति ने शिकायत को खारिज कर दिया है। समिति के इस फैसले से विधायक रामकुमार टोप्पो को राहत मिली है। समिति ने कहा कि शिकायतकर्ता विधायक के जाति प्रमाणपत्र को फर्जी साबित नहीं कर पाया। बगैर सेटलमेंट बना था जाति प्रमाणपत्र याचिकाकर्ता बिहारीलाल तिर्की ने विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र को लेकर आपत्ति की थी कि यह प्रमाण पत्र बिना सेटलमेंट के तैयार किया गया है, जबकि जाति प्रमाण पत्र सरलीकरण के नियमों के तहत बनाए जाते हैं, लेकिन विधायक के मामले में इन सभी नियमों की अनदेखी की गई है। रामकुमार टोप्पो का जाति प्रमाणपत्र एसडीएम लैलूंगा द्वारा 2 नवंबर 2023 को जारी किया गया था। यह प्रमाणपत्र ग्राम पंचायत जामबहार, लैलूंगा की ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव के आधार पर बनाया गया था। जिला स्तरीय प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने अपने फैसले में कहा कि जाति प्रमाणपत्र ग्रामसभा के प्रस्ताव के आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग की 2 सितंबर 2013 की अधिसूचना के अनुसार सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। समिति ने कहा कि नियमों के तहत उसे ग्रामसभा के प्रस्ताव को अमान्य करने का अधिकार नहीं है। MLA बोले-राजनैतिक द्वेष के कारण शिकायत विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि उन्होंने पूरी जांच प्रक्रिया में जिला प्रशासन को पूरा सहयोग किया। विधायक ने कहा कि कुछ लोगों ने राजनीतिक द्वेष के कारण शिकायत की थी। आरोप लगाने वाले वैद्य दस्तावेज नहीं दिखा सके। सुनवाई के अंतिम दिनों में उन्होंने खुद सबूत जुटाने के लिए समिति से समय मांगा था। अंतिम निर्णय में समिति ने क्लीन चिट दिया है। अंततः न्याय की जीत हुई है। शिकायतकर्ता बोले-राज्य स्तरीय सत्यापन समिति में करेंगे अपील जिला स्तरीय प्रमाण पत्र सत्यापन समिति से आवेदन खारिज होने के बाद शिकायतकर्ता बिहारी लाल तिर्की ने कहा कि जिला स्तरीय समिति का निर्णय उन्हें मिल गया है। वे राज्य स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन (छानबीन) समिति में अपील करेंगे। इसके लिए अधिवक्ताओं से राय ली जा रही है।



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