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WhatsApp Boss Scam Explained; CEO ZIP File Message | Malware


6 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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फर्ज करिए, आप जॉब करते हैं। अचानक आपके बॉस के नाम से वॉट्सएप पर ZIP फाइल के साथ एक मैसेज आता है- “इसे तुरंत चेक करें।” ऐसे में संभव है कि आप इसे जरूरी ऑफिस फाइल समझकर बिना ज्यादा सोचे-समझे डाउनलोड कर लें। लेकिन यही गलती आपको बड़े स्कैम का शिकार बना सकती है।

दरअसल, साइबर अपराधी इन दिनों वर्किंग प्रोफेशनल्स को निशाना बनाने के लिए नया तरीका अपना रहे हैं। वे बॉस, सीनियर या कुलीग बनकर वॉट्सएप पर ZIP फाइल भेजते हैं। जैसे ही व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड या ओपन करता है, उसके डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है।

इसके जरिए ठग वॉट्सएप अकाउंट हैक कर लेते हैं और बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी मैसेज भेजने या अन्य साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। इस नए साइबर फ्रॉड को ‘वॉट्सएप बॉस स्कैम’ कहा जा रहा है।

‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में आज इसी स्कैम के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • ठग ‘वॉट्सएप बॉस स्कैम’ को कैसे अंजाम देते हैं?
  • इस स्कैम से बचने के लिए क्या करें?

एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस

सवाल- ‘वॉट्सएप बॉस स्कैम’ क्या है?

जवाब- यह एक तरह का साइबर फ्रॉड है, जिसमें ठग प्रोफेशनल्स को निशाना बनाते हैं। पॉइंटर्स से समझिए-

  • ठग खुद को बॉस, HR, फाइनेंस टीम या सीनियर अधिकारी बताते हैं।
  • वे वॉट्सएप पर ‘सैलरी स्लिप’, ‘बोनस डिटेल्स’, ‘इनवॉइस’, ‘ऑडिट रिपोर्ट’ जैसे आकर्षक नामों से ZIP फाइल भेजते हैं।
  • एम्प्लॉई इसे असली समझकर डाउनलोड और ओपन करते हैं।
  • फाइल खुलते ही डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है।
  • स्कैमर वॉट्सएप अकाउंट हैक कर लेते हैं और ठगी को अंजाम देते हैं।

सवाल- ठग इस स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं?

जवाब- साइबर अपराधी सबसे पहले कर्मचारी और उसकी कंपनी से जुड़ी डिटेल्स जुटाते हैं। इसके बाद बॉस, HR या फाइनेंस टीम के नाम से वॉट्सएप प्रोफाइल बनाते हैं। फिर एम्प्लॉई को जाल में फंसाते हैं। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- ZIP फाइल क्या होती है?

जवाब- यह एक कंप्रेस्ड फाइल होती है, जिसमें एक से ज्यादा फाइलों को छोटा करके रखा जाता है। इससे फाइलें आसानी से स्टोर और शेयर की जा सकती हैं। साइबर अपराधी इसी फॉर्मेट में मालवेयर या संदिग्ध फाइलें छिपा देते हैं। इसलिए संदिग्ध ZIP फाइल कभी डाउनलोड या ओपन नहीं करनी चाहिए।

सवाल- क्या ZIP फाइल डाउनलोड करते ही वॉट्सएप या फोन हैक हो जाता है?

जवाब- केवल ZIP फाइल डाउनलोड करने से फोन या वॉट्सएप हैक नहीं होता। रिस्क तब बढ़ता है, जब-

  • व्यक्ति फाइल खोलता है।
  • या उसके अंदर मौजूद संदिग्ध फाइल/प्रोग्राम चलाता है
  • या उसे गैरजरूरी परमिशन दे देता है।

सवाल- स्कैमर किन बहानों से ZIP फाइल भेजते हैं?

जवाब- साइबर ठग ऐसे नामों और बहानों का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें देखकर कर्मचारी बिना सोचे-समझे फाइल खोल दे। जैसेकि-

  • सैलरी स्टेटमेंट
  • बोनस डिटेल्स
  • इनवाॅइस
  • HR लेटर
  • प्रमोशन लेटर
  • ऑफर लेटर
  • ऑडिट रिपोर्ट
  • जरूरी ऑफिस फाइल
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट

सवाल- किसी भी संदिग्ध फाइल की पहचान कैसे करें?

जवाब- कुछ आसान संकेतों से संदिग्ध फाइल की पहचान की जा सकती है। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर ZIP फाइल ओपन कर ली है तो तुरंत क्या करें?

जवाब- ऐसी स्थिति में कुछ बातों का ध्यान रखें-

  • सबसे पहले इंटरनेट बंद करें।
  • संदिग्ध फाइल बंद दें।
  • फोन में एंटीवायरस स्कैन करें।
  • सभी जरूरी पासवर्ड बदलें।
  • वॉट्सएप के लिंक्ड डिवाइस चेक करके अनजान डिवाइस तुरंत लॉगआउट करें।
  • अगर कोई फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन हुआ है तो तुरंत बैंक को सूचना दें।
  • साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करें।

सवाल- ठग किन लोगों को निशाना बना रहे हैं?

जवाब- इस स्कैम में कई लोग ठगों के निशाने पर हैं-

  • कॉर्पोरेट एम्प्लॉई
  • फाइनेंस टीम
  • HR टीम
  • चार्टर्ड अकाउंटेंट
  • अकाउंटेंट्स
  • फ्रीलांसर्स
  • रिमोट वर्कर्स

सवाल- लोग किन गलतियों के कारण इस स्कैम में फंस रहे हैं?

जवाब- आमतौर पर लोग इन गलतियों की वजह से इस स्कैम का शिकार बन जाते हैं-

  • बॉस या सीनियर के नाम पर आए मैसेज पर बिना पुष्टि किए भरोसा करना।
  • जल्दबाजी या दबाव में बिना सोचे-समझे एक्शन लेना।
  • तुरंत ZIP फाइल डाउनलोड और ओपन करना।
  • फाइल खोलने के बाद बिना पढ़े परमिशन देना।
  • भेजने वाले का नंबर या प्रोफाइल नहीं चेक करना।

सवाल- ‘वॉट्सएप बॉस स्कैम’ से कैसे बचें?

जवाब- इस स्कैम से बचने के लिए सतर्कता बहुत जरूरी है। इसके लिए दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें-

  • अनजान नंबर से आए मैसेज पर भरोसा न करें।
  • अगर कोई खुद को आपका बॉस, कंपनी का सीनियर अधिकारी या परिचित बताता है, तो सिर्फ उसके कहने पर यकीन न करें।
  • बॉस के नए नंबर का दावा हो तो पहले पुष्टि करें। अगर मैसेज में लिखा हो कि “यह मेरा नया नंबर है,” तो जवाब देने या कोई कार्रवाई करने से पहले पुराने, सेव्ड नंबर पर कॉल करके पुष्टि करें।
  • पैसे भेजने से पहले हमेशा वेरिफाई करें। अगर मैसेज में तुरंत भुगतान, गिफ्ट कार्ड खरीदने या बैंक डिटेल्स मांगने की बात हो, तो फोन या आमने-सामने बात करके पुष्टि करें।
  • सेव्ड नंबर से आए संदिग्ध मैसेज पर भी सावधानी रखें। अगर बॉस के सेव्ड नंबर से भी असामान्य या जल्दबाजी वाला मैसेज आए, तो पहले कॉल करके पुष्टि करें। उनका व्हाट्सएप अकाउंट या फोन हैक भी हो सकता है।
  • जल्दबाजी या गोपनीयता का दबाव स्कैम का संकेत हो सकता है। जैसे- “अभी तुरंत पैसे भेजो”, “किसी को मत बताना”, “मीटिंग में हूं, कॉल मत करना।” ऐसे संदेशों पर अतिरिक्त सतर्क रहें।
  • OTP, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड कभी साझा न करें। कोई भी सही व्यक्ति आपसे ऐसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगता।

सवाल- वॉट्सएप हैकिंग से बचने के लिए क्या करें?

जवाब- स्कैमर ठगी के लिए वॉट्सएप हैकिंग का तरीका अपनाते हैं। हैकिंग से बचने के लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें-

सवाल- वॉट्सएप लिंक्ड डिवाइस क्या है, इसे कैसे चेक करें?

जवाब- लिंक्ड डिवाइस वह फीचर है, जिससे आपका वॉट्सएप दूसरे कंप्यूटर या डिवाइस पर चल सकता है। इसे समय-समय पर चेक करना जरूरी है।

कैसे चेक करें?

  • वॉट्सएप खोलें।
  • ऊपर दिए गए तीन डॉट्स पर टैप करें।
  • लिंक्ड डिवाइस चुनें।
  • यहां सभी लॉग-इन डिवाइस दिखेंगे।
  • कोई अनजान डिवाइस दिखे तो तुरंत लॉग आउट करें।

सवाल- वॉट्सएप हैक हो गया है, इसका पता कैसे लगाएं?

जवाब- वॉट्सएप हैक होने के इन संकेताें को इग्नोर न करें-

  • बिना जानकारी के मैसेज भेजे जा रहे हों।
  • वॉट्सएप अनजान डिवाइस लिंक्ड हो।
  • OTP या लॉगिन अलर्ट मिलने लगें।
  • प्रोफाइल फोटो या सेटिंग्स बदल जाएं।
  • दोस्तों को आपके नाम से पैसे मांगने वाले मैसेज जाएं।
  • आपने मैसेज न पढ़े हों, फिर भी चैट रीड दिखे।
  • वॉट्सएप बार-बार अपने आप लॉगआउट हो जाए।

सवाल- ‘वॉट्सएप बॉस स्कैम’ की शिकायत कहां और कैसे करें?

जवाब- पॅाइंटर्स से समझिए-

  • सबसे पहले साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
  • नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
  • अगर बैंकिंग फ्रॉड हुआ है तो तुरंत बैंक को सूचित करें, ताकि संदिग्ध ट्रांजैक्शन रोके जा सकें।
  • शिकायत करते समय वॉट्सएप चैट, स्क्रीनशॉट, फोन नंबर, ट्रांजैक्शन आईडी और संबंधित दस्तावेज अपने पास रखें।
  • जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, नुकसान रोकने की संभावना उतनी अधिक होगी।

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