बड़वानी जिले के अंजड़ थाना परिसर स्थित पुलिस लाइन के जर्जर शासकीय क्वार्टरों में तैनात पुलिसकर्मियों के परिवार पिछले 10 वर्षों से बदहाल परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। क्वार्टरों की दीवारों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, छतों से प्लास्टर झड़ रहा ह
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दीवारों में दरारें, बारिश में टपकती हैं छतें
रहवासियों के मुताबिक क्वार्टरों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। बरसात के दौरान छतों से पानी टपकने के कारण बिजली के शॉर्ट सर्किट और फिसलकर हादसा होने का खतरा बना रहता है। वहीं पानी, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।

सांप-जानवरों का भी बना रहता है खतरा
क्वार्टरों के पीछे का हिस्सा गंदगी से अटा पड़ा है और सुरक्षा बाड़ पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। इससे सांप और अन्य जंगली जीव अक्सर रिहायशी परिसर तक पहुंच जाते हैं। रहवासी रूपा ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से वे यहां रह रहे हैं और पुराने पेड़ों के कारण हर समय सांप निकलने का डर बना रहता है। वहीं भारती ने बताया कि पीपल के पेड़ की जड़ें बाथरूम और रसोई तक पहुंच गई हैं, जिससे मकानों की स्थिति और खराब हो गई है।


शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
रहवासी महिलाओं का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक मरम्मत या नए आवास की व्यवस्था नहीं की गई। ड्यूटी के साथ पुलिसकर्मी अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित रहते हैं। रहवासियों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से जर्जर क्वार्टरों की तत्काल मरम्मत कराने या सुरक्षित वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
मामले में पुलिस अधिकारियों से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
