Headlines

UP First Bone Tissue Bank Launch at KGMU Lucknow



KGMU में सोमवार को बोन-टिश्यू बैंक का शुभारंभ हुआ।

KGMU के ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट में उत्तर प्रदेश के पहले बोन- टिश्यू बैंक का शुभारंभ हुआ। अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस बैंक में हड्डियों, लिगामेंट और अन्य टिश्यू को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस कर -40℃ डीप फ्रीजर और -80℃ अल्ट्रा-लो टेम्परेचर फ्रीजर में

.

इससे जटिल फ्रैक्चर, बोन ट्यूमर, स्पाइन सर्जरी, जॉइंट रिप्लेसमेंट और लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन के मरीजों को हाई क्वालिटी बोन-टिश्यू ग्राफ्ट प्रदेश में ही उपलब्ध हो सकेंगे और दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी।

कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सोमवार को इस सुविधा का शुभारंभ किया। इस मौके पर विभागाध्यक्ष प्रो.आशीष कुमार, बोन एवं टिश्यू बैंक के इंचार्ज प्रो.कुमार शान्तनु समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक और रेजिडेंट डॉक्टर मौजूद रहे।

कई विभागों को मिलेगा फायदा

बोन एवं टिश्यू बैंक का लाभ केवल इस विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी, डेंटल, ऑन्कोलॉजी, बर्न एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी समेत कई विभागों के मरीज भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। जटिल सर्जरी के मरीजों को होगा लाभ

यह सुविधा जटिल फ्रैक्चर, बड़े बोन डिफेक्ट, बोन ट्यूमर, रिवीजन जॉइंट रिप्लेसमेंट, स्पाइन सर्जरी, स्पोर्ट्स इंजरी, लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन और लिंब साल्वेज जैसी जटिल सर्जरी में अहम भूमिका निभाएगी। इससे इलाज में देरी कम होगी और मरीजों को दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आधुनिक तकनीक से तैयार हुआ बैंक

बैंक में क्लीन रूम, स्टरल प्रोसेसिंग एरिया, लाइओफिलाइज़र, -40°C डीप फ्रीजर, -80°C अल्ट्रा-लो टेम्परेचर फ्रीजर, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली और कोल्ड-चेन जैसी आधुनिक सुविधाएं स्थापित की गई हैं। आवश्यक स्वीकृतियों के बाद अगले कुछ दिनों में इसकी नियमित सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।

मरीजों की सर्जरी होगी आसान

विशेषज्ञों के अनुसार, वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित एलोग्राफ्ट उपलब्ध होने से कई मरीजों में शरीर से अतिरिक्त हड्डी निकालने की जरूरत कम होगी। इससे अतिरिक्त चीरा, दर्द, ब्लड लॉस और अन्य जटिलताओं में कमी आएगी। साथ ही मरीजों के जल्दी स्वस्थ होने और सर्जरी की सफलता की संभावना भी बढ़ेगी।

चिकित्सा शिक्षा और शोध को मिलेगा बढ़ावा

KGMU का यह बोन एवं टिश्यू बैंक चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, सर्जिकल प्रशिक्षण और टिश्यू डोनेशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भविष्य में इसे उत्तर भारत के प्रमुख रीजनल रेफरल सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *