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पंजाब के 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट:चंडीगढ़ में भी बारिश के आसार, तापमान 1.1 डिग्री गिरा; डैम खतरे के निशान से नीचे




पंजाब और चंडीगढ़ में सोमवार रात से ही मौसम बदला हुआ है। कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मंगलवार (4 अगस्त) को मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, रूपनगर और मोहाली में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं चंडीगढ़ में दिनभर बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके बाद 9 अगस्त तक बारिश की संभावना बनी रहेगी, लेकिन फिलहाल कोई नया अलर्ट जारी नहीं किया गया है। राज्य के अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है और यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। सबसे अधिक तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस फरीदकोट में रिकॉर्ड किया गया। 9 अगस्त तक बारिश की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, राजस्थान के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम और उत्तर भारत से गुजर रही मानसून ट्रफ के कारण पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून सक्रिय है। इसी वजह से अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 4 से 6 अगस्त तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 4 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का भी अलर्ट है। 7 से 9 अगस्त के बीच भी कुछ इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। पठानकोट में 35 मिमी बारिश दर्ज 3 अगस्त को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक सबसे ज्यादा बारिश पठानकोट जिले में हुई। यहां 35 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद अमृतसर में 32.2 मिमी और पठानकोट के दूसरे इलाके में 31 मिमी बारिश हुई। रूपनगर के भाखड़ा डैम क्षेत्र में 24.5 मिमी, होशियारपुर में 24 मिमी, कपूरथला में 23.5 मिमी, आनंदपुर साहिब में 20.5 मिमी और लुधियाना में 16 मिमी बारिश दर्ज की गई। बाकी ज्यादातर जिलों में या तो बहुत कम बारिश हुई या बिल्कुल नहीं हुई। बिजली की मांग घटी पंजाब में बारिश होने से बिजली व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। राज्य में इस समय 12,702 मेगावाट बिजली की मांग है। इसके मुकाबले पंजाब के अपने बिजलीघरों से 4,278 मेगावाट बिजली बन रही है। बाकी बिजली दूसरे राज्यों और केंद्रीय ग्रिड से ली जा रही है। पंजाब को 8,153 मेगावाट बिजली मिलने का शेड्यूल था, लेकिन राज्य ने 8,424 मेगावाट बिजली ली, यानी तय मात्रा से 271 मेगावाट ज्यादा बिजली का इस्तेमाल किया। फिलहाल बिजली आपूर्ति सामान्य है और किसी तरह का दबाव नहीं है। डैमों का जलस्तर बढ़ा, खतरे से अभी दूर भाखड़ा और पोंग डैमों में इस समय पानी लगातार बढ़ रहा है, क्योंकि जितना पानी छोड़ा जा रहा है, उससे ज्यादा पानी आ रहा है। भाखड़ा डैम का जलस्तर 1603.87 फीट है, जो खतरे के निशान 1680 फीट से 76.13 फीट नीचे है। वहीं पोंग डैम का जलस्तर 1342.35 फीट है, जो खतरे के निशान 1390 फीट से 47.65 फीट नीचे है। फिलहाल दोनों डैम सुरक्षित स्थिति में हैं। हालांकि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने पर जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।



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