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भास्कर न्यूज | जालंधर मानसून के दौरान शहर की मुख्य सड़कों पर जलभराव और सीवर ओवरफ्लो ने आम लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। सीवर लाइनें जाम होने और लीकेज के कारण पेयजल लाइनों में दूषित पानी मिक्स होकर सीधा लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। इससे इलाकों में जलजनित बीमारियों का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। मिट्ठापुर रोड स्थित गुरुनानक नगर कॉलोनी के 50 से अधिक घरों में पिछले 15 दिनों से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है, जिससे यहां पीने के पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है। यही हाल लतीफपुरा, हरगोबिंद नगर, बचिंत नगर और परशुराम नगर का है। लतीफपुरा इलाके से लिए गए पानी के 4 सैंपल फेल भी हो चुके हैं। इसके बावजूद नगर निगम की टीम फॉल्ट ढूंढने में नाकाम रही है और समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। बारिश के कारण गलियों और मुख्य सड़कों में जलभराव रहता है। जिन वार्डों में मुख्य सीवर लाइन की सफाई (डी-सिल्टिंग) समय पर नहीं हुई है, वहां मेनहोल ओवरफ्लो हो रहे हैं। सीवर के पानी के दबाव से पास से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन में लीकेज होती है और नलों में दूषित पानी की सप्लाई शुरू हो जाती है। वार्ड-2 के कौंसलर हरप्रीत वालिया के अनुसार, बारिश होते ही घरों में गंदे पानी की समस्या कई गुना बढ़ जाती है, खासकर हरगोविंद नगर, बचिंत नगर और परशुराम नगर में लोग ज्यादा परेशान हैं। दूषित पानी की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए नगर निगम ने नई वाटर लैब शुरू की है ताकि रोजाना ज्यादा सैंपल जांचे जा सकें: सैंपलिंग क्षमता बढ़ी: पुरानी लैब की क्षमता रोजाना 12 से 15 सैंपल जांचने की थी, जबकि नई और पुरानी लैब मिलाकर अब रोजाना 30 सैंपल लिए जा रहे हैं। सेंसेटिव एरिया पर नजर: जुलाई में लतीफपुरा से लिए गए सैंपल फेल पाए गए हैं। इसके अलावा कमल विहार, एकता नगर, गुरुनानकपुरा, राम नगर और बस्ती मिट्ठू जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से लगातार सैंपल जुटाए जा रहे हैं। मानसून में रोज 30 सैंपल की टेस्टिंग, संवेदनशील इलाकों में अलर्ट कई शिकायतें दे चुके नगर निगम में पिछले एक हफ्ते से लगातार और नियमित शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। इसके बावजूद अधिकारी बेपरवाह हैं और दूषित पानी की इस गंभीर समस्या का अब तक कोई स्थाई समाधान नहीं हो सका है। -बलराज ठाकुर, कौंसलर वार्ड-32
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गुरुनानक नगर कॉलोनी में 15 दिन से गंदे पानी आ रहा
