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खड़गे चिल्लाए, हंगामे पर खड़े हो गए सभापति:रिजिजू बोले- विपक्ष माफी मांगे; 2 साल में नहीं बनवाया बर्थ सर्टिफिकेट तो मजिस्ट्रेट जांच होगी




राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला मंगलवार को संसद में जोरदार तरीके से गूंजा। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर पलटवार किया। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस के दौरान सत्ता और विपक्ष के सदस्य आमने-सामने आ गए। हंगामा इतना बढ़ा कि सभापति सीपी राधाकृष्णन को अपने आसन से उठकर सदस्यों को शांत कराने की कोशिश करनी पड़ी। इसके बावजूद शोर नहीं थमा और कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले, खड़गे ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था। ट्रस्ट को 70 एकड़ से ज्यादा जमीन सौंपी गई। ऐसे में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में ईडी, सीबीआई और दूसरी केंद्रीय जांच एजेंसियां कहां हैं, सरकार को सदन में इसका जवाब देना चाहिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर बनने पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया था। जो लोग भगवान राम के अस्तित्व को नहीं मानते थे, वे आज घड़ियाली आंसू बहाकर देश को गुमराह नहीं कर सकते। पहले भगवान राम का अपमान करने के लिए देश से माफी मांगिए, उसके बाद सरकार से जवाब मांगिए। इसके बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया। सभापति सीपी राधाकृष्णन अपने आसन से उठकर सदस्यों को शांत कराने पहुंचे, लेकिन व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोपहर में कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी अपनी बात रखी। प्रश्नकाल हंगामे के बीच चला और सदन को फिर दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। इसके बाद उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की अध्यक्षता में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 चर्चा के लिए पेश किया। विपक्ष के विरोध के बीच चर्चा हुई और विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही 5 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, लोकसभा में भी दिनभर हंगामा जारी रहा। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा नहीं थमा। दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो पीठासीन दिलीप सैकिया के सामने विपक्षी सदस्य दोबारा वेल में पहुंच गए। इसी दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इसके कुछ देर बाद उन्होंने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 भी सदन में रखा। लगातार हंगामे के बीच दोनों विधेयक बिना विस्तृत चर्चा के ध्वनिमत से पारित हो गए। पीठासीन दिलीप सैकिया ने विपक्ष से कई बार सहयोग की अपील की, लेकिन जब हंगामा नहीं रुका तो लोकसभा की कार्यवाही भी 5 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति और राजपत्र में अधिसूचना के बाद यह कानून बन जाएगा। इस संशोधन का उद्देश्य जन्म और मृत्यु के देर से होने वाले पंजीकरण पर सख्ती बढ़ाना है। नए प्रावधान के तहत, यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण घटना के 2 साल से अधिक समय बाद कराया जाता है, तो प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) की अनुमति अनिवार्य होगी। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…



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