![]()
झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। कई जिलों में गुरुवार को सुबह से बादल छाए रहे और दोपहर बाद शुरू हुई बारिश शाम तक जारी रही। देर रात तक भी रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश से कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को राज्य में कहीं-कहीं गर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 10 अगस्त तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश होने की स्थिति बनी हुई है। वहीं, 1 जून से 6 अगस्त तक बारिश के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में 571.1 मिमी की जगह मात्र 435.1 मिमी वर्षा हुई है। यह अब भी औसतन 24% कम है। तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है इधर, कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान सहित अन्य खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके अगले दो दिनों के दौरान तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। अगले दो दिन बारिश के आसार
मौसम विभाग के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसून सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से पूर्वी सिंहभूम सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना है। विभाग का अनुमान है कि अगस्त में तीन मौसमीय सिस्टम बनने से इस माह सामान्य से अच्छी वर्षा हो सकती है। सर्वाधिक बारिश फतेहपुर हुई
पिछले 24 घंटे में राज्य में करीब सभी स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। जबकि कहीं-कहीं पर भारी बारिश भी रिकॉर्ड की गई। सर्वाधिक बारिश 110.0 एमएम फतेहपुर (जामताड़ा) में दर्ज की गई। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस बहरागोड़ा में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस लातेहार में दर्ज किया गया। चतरा और गढ़वा में अब तक सबसे कम बारिश
1 जून से 6 अगस्त तक बारिश के आंकड़े बताते हैं कि कई जिलों में स्थिति खराब है, जहां 50% से अधिक तक बारिश की कमी दर्ज की गई है। सबसे अधिक कमी चतरा (-60%), गढ़वा (-60%), पाकुड़ (-53%), देवघर (-48%) और गोड्डा (-21%) में है। बोकारो (-33%), गिरिडीह (-41%), कोडरमा (-47%) और पलामू (-43%) जैसे जिलों में भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। दूसरी ओर कुछ जिलों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है, जहां पश्चिमी सिंहभूम में 13% अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि सिमडेगा (-8%) और सरायकेला-खरसावां (-4%) सामान्य के करीब रहे। राजधानी रांची में भी अब तक 9% कम बारिश हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से इस कमी की आंशिक भरपाई हो सकती है।
Source link
झारखंड में मानसून एक बार फिर से सक्रिय:10 अगस्त तक विभिन्न हिस्सों में बारिश होने की संभावना, अबतक 24% कम वर्षा दर्ज
