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बड़वानी जिला मुख्यालय में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर जिलेभर के ग्रामीण इलाकों से सैकड़ों लोग अपनी पारंपरिक पोशाक में पहुंचे। कार्यक्रम में बड़वानी विधायक राजन मंडलोई भी शामिल हुए। इंद्रजीत छात्रावास से सांस्कृतिक रैली निकाली गई। रैली में लोग मादल, ढोल और फैपारिया जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों और डीजे की धुन पर थिरकते हुए आगे बढ़े। यह रैली कारंजा चौराहा, रणजीत चौक, झंडा चौक और बस स्टैंड से होती हुई राजघाट रोड स्थित कृषि उपज मंडी परिसर पहुंची। महापुरुषों की पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मंडी परिसर में भगवान बिरसा मुंडा, टंट्या भील, डॉ. भीमराव अंबेडकर और सावित्रीबाई फुले समेत अन्य महापुरुषों व क्रांतिकारियों की आदिवासी रीति-रिवाजों से पूजा की गई। इस दौरान समाज के लोगों ने विचार रखे और पारंपरिक नृत्य-गीत पेश किए। विधायक बोले- ‘यह उत्सव नहीं, पहचान और अधिकारों का संकल्प है’ विधायक राजन मंडलोई ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और पढ़ाई के साथ-साथ पारंपरिक धरोहर को आगे बढ़ाने की अपील की। हक और अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान कार्यक्रम में संवैधानिक अधिकारों, जल-जंगल-जमीन, विस्थापन और पुनर्वास जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। आदिवासी नेता विष्णु बनडे ने कहा कि अब समय संगठित होकर अपने हक की आवाज उठाने का है। उन्होंने संविधान को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए आदिवासी समाज को मिले संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने की बात कही।
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बड़वानी में विश्व आदिवासी दिवस पर निकली रैली:पारंपरिक वेशभूषा में दिखे लोग, विधायक बोले- युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहे
