![]()
मुंगेली जिले के लोरमी ब्लॉक में भारी बारिश के कारण वनग्राम बिजराकछार का आश्रित ग्राम पसरहा पारा पूरी तरह टापू में बदल गया। यहां 24 घंटे से फंसे लगभग 200 ग्रामीणों को जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित निकाला। एसडीआरएफ की टीम ने नावों का उपयोग कर ग्रामीणों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यह बचाव अभियान सुबह 9 बजे शुरू हुआ और लगभग 10 घंटे तक चला। इस दौरान राजस्व, वन, पुलिस और चिकित्सा विभाग की टीमें भी तैनात रहीं। बाढ़ प्रभावित 200 ग्रामीण राहत शिविर में ठहराए गए लोरमी के एसडीएम अजीत पुजारी ने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है। उन्हें बिजराकछार गांव के बाहरी हिस्से में स्थित पंचायत भवन में बनाए गए राहत शिविर में ठहराया गया है। प्रशासन ने शिविर में भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की है। ग्रामीणों को यह भी सलाह दी गई है कि जब तक पानी का स्तर कम न हो जाए, वे गांव वापस न लौटें। लोरमी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मनियारी और आगर नदियां उफान पर हैं। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 19 गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है और अलर्ट मोड पर है।
Source link
मुंगेली में बाढ़ में फंसे 200 ग्रामीणों का रेस्क्यू:भारी बारिश से टापू बना पसरहा पारा, DRF ने नाव से सभी को सुरक्षित निकाला
